अमन चोपड़ा के खिलाफ सदर अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में बिना अनुमति प्रवेश कर वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने का लगा आरोप
शिकायत के मुताबिक, 9 अगस्त 2026 को TAP News के पत्रकार अमन चोपड़ा ने सदर अस्पताल के HDU का दौरा किया। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि HDU जैसे अति-संवेदनशील चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश के लिए जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि इस दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
झारखंड की राजधानी रांची में पत्रकार अमन चोपड़ा के खिलाफ सदर अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में बिना अनुमति प्रवेश कर वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की शिकायत के आधार पर की गई है।
शिकायत के मुताबिक, 9 अगस्त 2026 को TAP News के पत्रकार अमन चोपड़ा ने सदर अस्पताल के HDU का दौरा किया। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि HDU जैसे अति-संवेदनशील चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश के लिए जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि इस दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
शिकायत में कहा गया है कि HDU में गंभीर अवस्था में मरीजों का इलाज चलता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना निर्धारित अनुमति और सुरक्षा सावधानियों के वीडियो बनाना मरीजों की सुरक्षा, निजता और संक्रमण नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
अस्पताल की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो को TAP News के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
दस्तावेज के अनुसार, शिकायत पर लोअर बाजार थाना, रांची में केस नंबर 135/26 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 223(b), 271, 272 और 329(3) का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज पर थाना प्रभारी की ओर से मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए जाने की बात भी लिखी है।
हालांकि, उपलब्ध दस्तावेज में FIR दर्ज होने की जानकारी स्पष्ट है, लेकिन अमन चोपड़ा की गिरफ्तारी की पुष्टि इस दस्तावेज से नहीं होती। इसलिए फिलहाल इसे “FIR और कार्रवाई” के रूप में रिपोर्ट करना अधिक तथ्यात्मक होगा, जब तक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि सामने न आए।
बड़ी ख़बर-
झारखंड वाली एफआईआर की वजह सामने आई है।
ये एफआईआर रांची के सदर अस्पताल के HDU (High dependency unit) HDU में घुसकर वीडियो रिकार्डिंग करने पर हुई है।
इस सिलसिले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने 8 अगस्त को ही शिकायत दे दी थी।
शिकायत में साफ लिखा है कि HDU में गंभीर अवस्था में उपचाररत मरीज रहते हैं।
इस बेहद संवेदनशील जगह पर बिना सावधानी, अनुमित व सुरक्षा प्रोटोकॉल के वीडियो बनाना कहीं से भी मान्य नहीं है।
मैने पहले भी लिखा कि सत्ता का विरोध करने पर एफआईआर करना कहीं से भी जायज नहीं है,
मगर उस नियम, कानून और प्रोटोकॉल का पालन तो करना ही चाहिए जिसकी अनदेखी किसी की जान को ख़तरे में डाल दे।
नाखून कटाकर भगत सिंह नहीं बनते!!
-अभिषेक उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार




