पांच लाख की वसूली में फर्जी पत्रकार गिरफ्तार, बता रहा था दैनिक जागरण का संवाददाता

पांच लाख की वसूली में फर्जी पत्रकार गिरफ्तार, बता रहा था दैनिक जागरण का संवाददाता

लखनऊ से खबर है कि एलडीए के एक लिपिक पर झूठी खबरों का प्रकाशन करने का दबाव बनाकर एक फर्जी पत्रकार उससे पांच लाख रुपये वसूली मांग रहा था। लिपिक ने होशियारी से काम लेकर इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की और शनिवार को फर्जी पत्रकार को रुपये देने के बहाने मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास बुलाया, जहां लिपिक की मदद से चौक पुलिस ने आरोपी फर्जी पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी खुद को दैनिक जागरण का संवाददाता होने का दावा करता रहा। बाद में पता चला कि वह एलडीए में ही ठेकेदारी करता है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी व वसूली मांगने की रिपोर्ट दर्ज की है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में लिपिक अजय कुमार वर्मा की तहरीर पर चौक पुलिस ने वसूली मांगने की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी विनयखंड, गोमतीनगर में किराए के मकान में रहने वाले समेंद्र नाथ शुक्ला को गिरफ्तार किया है। आरोपी समेंद्र मूलरूप से ग्राम तपियाशुक्ल, जिला सिद्धार्थनगर का निवासी है और यहां एलडीए में ठेकेदारी करता है। आरोपी समेंद्र ने अपनी पत्नी के साथ पार्टनरशिप में शिवा एसोसिएट्स के नाम से अपनी ठेकेदारी फर्म का रजिस्ट्रेशन करा रखा है। हरदोई निवासी लिपिक अजय कुमार के मुताबिक गत दिनों वह एलडीए की रजिस्ट्री सेल में कार्यरत थे। वर्तमान में उनका स्थानान्तरण चकगंजरिया फार्म में हो गया है। अजय के मुताबिक एलडीए में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पप्पू दुबे ने उनकी मुलाकात आरोपी समेंद्र से यह कहकर करवाई थी कि वह दैनिक जागरण में पत्रकार है। इसके बाद आरोपी समेंद्र नाथ उन्हें रजिस्ट्री में घपले के झूठे मामलों में फंसाने व उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित कर बदनाम करने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपयों की मांग करने लगा। अजय कुमार के मुताबिक आरोपी ने उन्हें कई बार फोन पर भी धमकी दी, जिसकी उनके पास रिकार्डिग भी मौजूद है। करीब 20 दिन पूर्व आरोपी ने उन्हें दैनिक जागरण चौराहे के पास मिलने के लिए बुलाया और वहां भी जल्द रुपये देने का दबाव बनाया। अजय ने मामले की शिकायत सीधे पुलिस अधिकारियों से की। अजय ने शनिवार दोपहर आरोपी को रुपये देने की बात कहकर मेडिकल कॉलेज चौराहे पर बुलाया, जहां पहले से मुस्तैद चौक पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
एलडीए कर्मी ने रचा था षड्यंत्र
धोखाधड़ी व वसूली के इस मामले में एलडीएकर्मी पप्पू दुबे की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध है। आरोपी समेंद्र ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उससे पप्पू दुबे ने ही लिपिक से वसूली मांगने को कहा था। पप्पू ने उसे कुछ विभागीय दस्तावेज भी दिए थे। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पप्पू का काफी पुराना परिचित है और गोमतीनगर में उसके घर के पास ही रहता है। एएसपी पश्चिम अजय कुमार मिश्र के मुताबिक पूरे मामले में जिन लोगों की भी संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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