झूठी खबर दिखाने पर NDTV पर जुर्माना, आज रात दिखाएगा माफ़ी की खबर

ravish-ndtvआज रात 9 बजे प्राईमटाइम से पूर्व NDTV जरूर देखिये. जनता को बीमार, बहुत बीमार घोषित करने वाले चैनल दरअसल बीमारी फ़ैलाने वाली मक्खियों के रूप में चिन्हित हो गए हैं. इस पाखंडी पेड न्यूज़ चैनल ने अपनी विचारधारा की स्वाभाविक मक्कारी दिखाते हुए अफवाहबाजी का शर्मनाक कुकर्म किया था.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन की अध्यक्षता वाली एनबीएसए यानि न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) ने नियमों का उल्लंघन करने के लिए तीन हिंदी न्यूज चैनलों पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.

NBSA ने ETV, NDTV, न्यूज़24 को नियमों का उल्लंघन करने के लिये नियमों का उल्लंघन करने के लिए 1-1 लाख का जुर्माना लगाया है, साथ ही 25 जुलाई को 9 बजे प्राईमटाइम से पूर्व माफी की खबर दिखाने का आदेश दिया है.

इस कपटी चैनल ने बिना किसी सत्यता के एक व्यक्ति की हत्या का जिम्मेदार हिन्दू धार्मिक संगठनो को बताया था. मामला 2015 अक्टूबर का है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के निवासी नोमान को पशु तस्करी के आरोप में कुछ लोगो ने हत्या की थी. इस घटना को दादरी पार्ट 2 कहा गया था.

एनबीएसए ने एनडीटीवी के हिंदी और अंग्रेजी दोनों न्यूज चैनलों को हिमाचल प्रदेश के नाहन में एक आदमी की हत्या से संबंधित न्यूज रिपोर्ट के लिए ऑन एयर माफी जारी करने को कहा है.

दोनों चैनलों ने अपने जवाब में कहा था कि उन्होंने ‘कथित तौर पर’ शब्दों का इस्तेमाल किया था, पर एनबीएसए इस पर संतुष्ट नहीं है और उसने दोनों चैनलों से 25 जुलाई को रात 9 बजे के प्राइमटाइम न्यूज से पहले अपनी सभी खबरों पर माफीनामा दिखाने को कहा है.

इन नोट के लालची लोगों ने निष्कच्छ्ता का सार्वजनिक प्रदर्शन करते हुए इस विषय में झूठा विलाप शुरू कर के भारत की बहुसंख्यक आबादी को शर्मिंदा करने की कोशिश की थी. एक बार नहीं बार-बार ऐसी हरकतें करके बच निकलने के कारण इन अफवाहबाज़ गिरोहों के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे थे.

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एनबीएसए ने इन चैनलों के अतिरिक्त ईटीवी और न्यूज24 पर भी जुर्माना लगाया है. ईटीवी को भी कहा गया है कि वह 25 जुलाई को अपने रात 9 बज के प्राइमटाइम न्यूज बुलेटिनों से पहले माफी प्रसारित करें.

एनबीएसए के अनुसार जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई एक घटना के ईटीवी बांग्ला के कवरेज में निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता का कमी थी.

ईटीवी छत्तीसगढ़ ने ‘वैम्पायर्स’ नामक एक कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन किया. इस कार्यक्रम में भूत-पिशाच और अंधविश्वास को बढ़ावा दिया गया था.

ईटीवी उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड को एक मॉल के निर्माण में बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की ओर से अनियमितताओं के आरोप वाली एक न्यूज रिपोर्ट के लिए चेतावनी दी गई.

हिंदी न्यूज चैनल न्यूज24 से भी अफसोस जताने और खेद प्रकट करने के लिए कहा गया है. इस चैनल ने अपने एक कार्यक्रम में राजनीतिक दल लोक जनशक्ति के पदाधिकारियों के खिलाफ लोगों को चूना लगाने का आरोप लगाया गया था.

एनबीएसए ने इन सभी टीवी न्यूज चैनलों पर एक एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

आज से निष्कच्छ महोदय आप घोषित अफवाहबाज हो जो अपने गिरोह कुकर्मों की सामूहिक माफ़ी मांग रहा होगा. माफ़ करना है या और लज्जित, ये हम सोचते हैं, बाकी जो है सो तो हैये है.[visibility visible_on=”desktop”][/visibility]

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