NDTV इंडिया के विवादित पत्रकार रविश कुमार: पत्रकारिता के नाम पर धब्बा

cropped-logob.jpgअगर आप कर्रेंट अफेयर्स में रुचि रखते है और इंडियन न्यूज़ चैनल्स देखने के शौक़ीन है तो आपने NDTV इंडिया और इसके पत्रकार रविश कुमार के बारे में जरुर सुना और देखा होगा. NDTV इंडिया हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है और यह चैनल कांग्रेसी विचारधारा का समर्थन करने वाले पत्रकार प्रणव राय के नियंत्रण में है. फिलहाल ये चैनल काले धन, Money laundering (काले धन को वैध बनाने की प्रक्रिया), भारत विरोधी न्यूज़ कंटेंट और रिपोर्टिंग, आतंकवादियों के समर्थन करने वाली पत्रकारिता, हिन्दू धर्म और समाज विरोधी रिपोर्टिंग और पक्षपात पूर्ण खबर के संगीन आरोपों का सामना कर रहा है.

इस चैनल के खिलाफ लोग सोशल मीडिया पर अपने गुस्से का इज़हार करते रहते है. इस चैनल के मालिक, पत्रकारों और न्यूज़ anchors पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से पैसे लेकर भारत सरकार और सेना की ख़ुफ़िया जानकारी पाकिस्तान सरकार को सौपने के गंभीर आरोप लगते रहते है. हम अपने आर्टिकल और लेख से इस चैनल और इसके पत्रकारों की भारत विरोधी सोच का पर्दाफाश करते रहेंगे. इस कड़ी में आज हम आपको NDTV इंडिया के विवादित पत्रकार रविश कुमार की हकीकत बताते है.

रविश कुमार एनडीटीवी इंडिया पर वरिष्ठ कार्यकारी संपादक है. उनका जन्म भारत के सबसे बदहाल और जंगलराज के लिए बदनाम राज्य बिहार में हुआ था. अपनी पढाई पूरी करने के बाद जनाब जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे NDTV इंडिया में पत्रकार बन गए. इस बिहारी पत्रकार का अंग्रेजी ज्ञान 0 है. लेकिन इनकी पत्रकारिता हमेशा से विवादों के घेरे में रहा है. ये महाशय अपने आपको इंडिया के सबसे ईमानदार, ज्ञानी और सच्चा पत्रकार मानते है, लेकिन अपने पक्षपातपूर्ण खबरों के लिए हमेशा विवादों में रहते है और सोशल मीडिया पर गलिया खाते रहते है.

NDTV इंडिया मूल रूप से भारत की सबसे भ्रष्ट राजनितिक पार्टी कांग्रेस का प्रचार यन्त्र (propaganda Bullhorn) है जिसका मुख्य काम पत्रकारिता के द्वारा कांग्रेसी एजेंडे का प्रचार करना है. इस चैनल का निष्पक्ष, निर्भीक और खोजी पत्रकारिता से कोई लेना देना नहीं है. आपको ये जान कर हैरानी होगी की प्रवर्तन निदेशालय ने आर्थिक घपले करने के आरोप में NDTV इंडिया पर 2 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया था. हाल ही में न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) ने प्रसारण नियमो का उलंघन करने पर एक लाख रूपए का आर्थिक जुर्माना लगाया और साथ ही साथ माफीनामा प्रसारित करने का भी आदेश दिया.

NDTV इंडिया पाकिस्तान में आधिकारिक तौर पर प्रसारित होने वाला एकमात्र भारतीय चैनल है. 2012 में एक अध्यादेश लाकर पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान में प्रसारित होने वाले सारे भारतीय न्यूज़ चैनल्स के प्रसारण पर रोक लगा दिया था. लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है की पाकिस्तान में आज तक NDTV इंडिया का आधिकारिक तौर पर प्रसारण हो रहा है. NDTV हमेशा से ही पाकिस्तान को पसंद आने वाली न्यूज़ कंटेंट अपने वेबसाइट पर दिखाता है और पाकिस्तन प्रेमी लोगो को अपने चैनल पर भारत के खिलाफ जहर उगलने का मौका देती रही है.

अब बात करते है रविश कुमार की. ये महाशय NDTV चैनल पर प्राइम टाइम में देश दुनिया की घटनाओ पर टेप रिकॉर्डर की तरह कांग्रेसी एजेंडे और भारत तथा जम्मू कश्मीर के सम्बन्ध में पाकिस्तान की निति को संतुष्ट करने वाला प्रवचन देते है. NDTV हिन्दू विरोधी चैनल है और यही कारण है की कोई भी खबर जिसमे हिन्दू लोगो को अपराधी ठहराया जा सके, का बड़े जोर शोर से प्रचार करता है और हिंन्दुओ को विलेन साबित करने की हर संभव कोशिश करता है. लेकिन जब किसी घटना में मुस्लिम का नाम आता है, तो यह चैनल उस घटना की रिपोर्टिंग ही नहीं करता है. इस वर्ष मालदा और सिवान में मुस्लिम गुंडों के द्वारा दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन ISIS के समर्थन में निकाला गया हिंसक जुलुस के खबर को दबाने की हर संभव कोशिश की थी.. रविश कुमार एक पत्रकार होकर भी भारत में तेजी से फ़ैल रहे इस्लामिक आतंकवाद, लव जेहाद, बेवकूफ मुस्लिम चरमपंथियों के बेतुके फतवों, जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के काले कारनामे, कांग्रेस और अन्य राजनितिक पार्टियों के भ्रष्टाचार, कुशासन, प्रशासनिक अक्षमता और गुंडागर्दी पर अपने मुह का शटर खोलना जरुरी नहीं समझते. हर वक़्त एक पालतू कुत्ते की तरह कांग्रेस पार्टी के नेताओ द्वारा दिए गए विवादित बयान पर अपने अधकचरे ज्ञान का लेप लगाकर देश की जनता को गुमराह करते रहते है. आरएसएस और बीजेपी के बारे में अनावश्यक रूप से NDTV की वेबसाइट पर बेमतलब के ब्लॉग लिखते रहना इनका पेशा है, लेकिन सेक्युलर नेताओ के काले कारनामो और खुद मीडियाऔर NDTV में फैले भ्रष्टाचार पर खामोश रहते है जिसे एक अन्य भारतीय न्यूज़ चैनल जी न्यूज़ के पत्रकार रोहित सरदाना ने बड़े खुबसूरत तरीके से उजागर किया.

 

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मै पत्रकार नहीं हूँ लेकिन इतना जरुर जानता हूँ की एक पत्रकार का धर्म होता है- निष्पक्ष रहकर देश विदेश में घट सभी घटनाओ की ईमानदार रिपोर्टिंग करना. भारत में अधिकांश मीडिया चैनल भारत की सबसे भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस के नियंत्रण में है जिसका मुख्य लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के तेज विकास को किसी तरह रोकना है. इसलिए आजकल रविश कुमार जैसे कपटी, नालायक, पत्रकारिता जैसे संवेदनशील पेशे की A B C D का ज्ञान न रखने वाले, मुस्लिम आतंकवाद प्रेमी और इस्लामिक गुंडों के समर्थक पत्रकार देशहित में पत्रकारिता करने के बजाये देशद्रोह के आरोपी छात्रों के समर्थन में बड़ी ही बेशर्मी से NDTV के स्क्रीन को काली करके अपनी घटिया पत्रकारिता का प्रवचन देते है.

 

लेकिन ये पत्रकार महोदय देशद्रोह के आरोपी छात्रों से इंडियन यूनिवर्सिटी में एक आतंकवादी के समर्थन में होने वाले कार्यक्रम के बारे में सीधे और तीखे सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करते.

आज जरुरत इस बात की है की लोग पत्रकार के वेश में छुपे इस रंगे शियार को पहचाने और इसका बहिष्कार करे तभी इसके और इसके चैनल की अक्ल ठिकाने आएगी. अब तो NDTV इंडिया को भी बंद करने की मांग उठने लगी है. क्या ये भारत में अच्छे दिनों के संकेत है? आप खुद निर्णय करे आप भारत में कैसी मीडिया चैनल का न्यूज़ देखता चाहते है.

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