आखिरी समय में इन मुद्दों को उठा रही थीं गौरी लंकेश

कर्नाटक के बंगलुरु में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. राजराजेश्वरी इलाके में उन पर करीब से 7 गोलियां चलाई गईं. गौरी लंकेश की हत्या के बाद पत्रकार जगत और सिविल सोसायटी में शोक फैल गया है. गौरी की हत्या पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, एनबीए और फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स ने दुख जाहिर किया.

गौरी लंकेश कर्नाटक में पत्रकारिता का निडर और निर्भीक चेहरा थीं. उनके पिता भी बड़े साहित्यकार थे. गौरी एक साप्ताहिक मैगजीन ‘लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं. इसके साथ ही वो अखबारों में कॉलम भी लिखती थीं. टीवी न्यूज चैनल डिबेट्स में वो लगातार शामिल होती थीं. लंकेश के दक्षिणपंथी संगठनों से वैचारिक मतभेद जगजाहिर थे, जिसकी वजह से उन्हें धमकियां मिलती रहती थीं. कुछ ही वक्त पहले उन्हें एक लेख की वजह से मुकदमा भी झेलना पड़ा था.

गौरी सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी, और जिस दिन उनकी हत्या हुई, उससे एक दिन पहले ही उन्होंने फेक न्यूज को लेकर ट्वीट किए थे. गौरी लंकेश ने ट्वीट् किया- हम लोग कुछ फर्जी पोस्ट शेयर करने की गलती करते हैं. आइए एक-दूसरे को चेताएं और एक-दूसरे को एक्सपोज करने की कोशिश न करें.

 

एक और ट्वीट में गौरी ने लिखा- मुझे ऐसा क्यों लगता है कि हममें से कुछ लोग आपस में ही लड़ रहे हैं. हम अपने सबसे बड़े दुश्मन को जानते हैं. क्या हम सब इस पर ध्यान लगा सकते हैं.

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लंकेश ने इससे जुड़े कई ट्वीट्स को रिट्वीट भी किया. उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों पर स्टोरी का लिंक भी ट्वीट किया. अपने फेसबुक पेज पर भी उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़ी स्टोरी के लिंक शेयर किए. इसके अलावा लंकेश कई और भी मुद्दे लगातार सोशल मीडिया के जरिए उठा रही थीं. लंकेश ने फेसबुक पर एक्ट्रेस कंगना के एक इंटरव्यू का लिंक भी शेयर किया था, और लिखा था- ‘प्लीज वॉच, लव कंगना’.

इतना ही नहीं लंकेश ने लगातार अपने ट्विटर और फेसबुक पर नोटबंदी के नुकसान, भारतीय अभिभावकों को समलैंगिकता के बारे में जागरूक करने वाले यूट्यूब वीडियो, फर्रुखाबाद में बच्चों में मौत और केंद्र सरकार की आलोचना से जुड़े पोस्ट किए थे.

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