पत्रकारों पर हमला नहीं, सत्ता की सरपरस्ती में सच की सुपारी है

भड़ास4जर्नलिस्ट डेस्क लखनऊ में घटित पत्रकार सुशील अवस्थी पर जानलेवा हमला न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा और निर्मम प्रहार है। यह घटना साफ इशारा करती है कि प्रदेश में सच लिखने वालों की सुरक्षा रामभरोसे है और सत्ता का मौन किसी खतरनाक सहमति जैसी गूंज रहा है। राजधानी में … Continue reading पत्रकारों पर हमला नहीं, सत्ता की सरपरस्ती में सच की सुपारी है