मीडिया स्कूल के नाम पर दूकान चलानेवाले का एक सच ये भी

मीडिया स्कूल के नाम पर दूकान चलानेवाले का एक सच ये भी
Vineet Kumar के फेसबुक वाल से। अरिंदम दासघोष ने जब देखा कि कैनरा बैंक में मिली नौकरी की क्रेडिट इंडियन एक्सप्रेस और उसका मीडिया स्कूल ले रहा है तो उन्होंने स्टेटस अपडेट करते हुए जो बात लिखी उन्हें उन तमाम छात्रों को पढ़ना चाहिए जिन्हें ये भ्रम हुआ करता है कि यदि वो ऐसे मीडिया संस्थान से मीडिया की पढ़ाई कर रहे हैं जिनके अपने अखबार-चैनल हैं तो नौकरी के लिहाज से फायदेमंद होगा. मैं व्यक्तिगत तौर पर ऐसे दर्जनों छात्रों को जानता हूं जिन्होंने लाखों रूपये ऐसे ही चमकीले मीडिया घरानों के स्कूल में देकर पढ़ाई की और बाद में उन्हें जो नौकरी मिली, उसमे उस संस्थान का कोई योगदान नहीं था.

अरिंदम ने साफ-साफ लिखा कि कैनरा बैंक में मेरी जो नौकरी लगी है उसके पीछे इंडियन एक्सप्रेस और उनके जर्नलिज्म कोर्स की कोई भूमिका नहीं है. ये तो एक बात हुई.
दूसरी बात ये कि इस अखबार के मीडिया स्कूल ने उपलब्धि के तौर पर जो सूचि जारी की है, उस पर आप गौर करेंगे तो अंदाजा लग जाएगा कि इसमे जिस तरह से इन्टर्नशिप तक को शामिल किया गया है, इंग्लिश जर्नलिज्म कोर्स है तो क्या हुआ, झांसे में यहां भी कम लोग नहीं आते. और फिर वही बात..जब अपने दम से बैंक में ही नौकरी करनी है तो फिर इंडियन एक्सप्रेस जैसी जगह से मीडिया कोर्स करने का क्या लाभ? ‪#‎मीडियामंडी

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