हिंदुस्तान और हिंदुस्तान टाइम्स में हाहाकार, साइन कराने का सिलसिला शुरू

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अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतार आये है। इसी का नतीजा है कि इन दिनों हिन्दुस्तान अखबार में कर्मचारियों से दूसरे विभाग में तबादले के कागज पर साइन कराने का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली में तो खुद शशि शेखर जी करा रहे हैं। साइन नहीँ करने वालों को निकालने की धमकी भी दी जा रही है। मजीठिया से घबराया हिन्दुस्तान फिलहाल जिस कागज पर साइन करा रहा है उसमें भी कई फर्जीवाड़ा है। इसलिए नीचे के फोटो को आप ध्यान से पढ़िए। दो फोटो है । दोनों फोटो को आप अगर ध्यान से देखेंगे तो उसमें शशि शेखर का हस्ताक्षर अलग अलग है। अब आप पता लगाइये कि कौन सही है।
दूसरा फर्जीवाड़ा ये है कि लैटर 29 मई 2015 को जारी हुआ है और लोगोँ से साइन सितम्बर में कराया जा रहा है। तीसरा फर्जीवाड़ा- जिस कागज पर साइन करा कर कर्मचारियों को हिन्दुस्तान अखबार से हटा कर इंटरनेट डिवीज़न में डाला जा रहा है उसका वितीय वर्ष 2014-15 है। जबकि कागज 29 मई 2015 को जारी हुआ है।

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