बहुत बड़ा कागज़ी आदमी है तनवीर अहमद सिद्दीकी, आईना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय वर्मा ने किया सम्मान

देश के किसी भी हिस्से में सामाजिक बुराइयों से लड़ने और सरकारी अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज मुखर करना आसान नहीं होता है लेकिन तनवीर अहमद सिद्दीकी द्वारा अपने जज़्बे और हिम्मत से बहाओ के विपरीत दिशा में चलते हुए कहीं ना कहीं आज उस मुकाम को हासिल किया है कि लोग उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट की प्रेरणा शक्ति के रूप में देखते हैं, लेकिन इस मुकाम को पाना कोई आसान काम नहीं था क्योंकि सरकारी अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ जिसने आवाज़ मुखर की या लड़ने का प्रयास किया या आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में सूचनाएं संकलित करने का कार्य किया जाता है उन्हें ना तो किसी तरह की सुरक्षा दी जाती हैं और ना ही उनके सहायता के लिए कोई संगठन दिखाई देता है बल्कि इसके विपरीत सामाजिक बुराइयों के लिए काम करते-करते भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर अमूमन एक ही आरोप लगाया जाता है कि इनके द्वारा परेशान किया जा रहा है या काम में बाधा डाली जा रही है और यहां तक की वसूली करने का भी आरोप लगा दिया जाता है, ऐसे में तनवीर अहमद सिद्दीकी न सिर्फ सामाजिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए बल्कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए आरटीआई को एक हथियार के रूप में कारगर रूप से कार्य करते नजर आते हैं।
बदलती व्यवस्थाओं के चलते कभी कभी असहज दिखाई देते हैं तनवीर अहमद सिद्दीकी क्योंकि आरटीआई कानून लागू होने के बाद देश में अब तक सैकड़ों आरटीआई कार्यकर्ता अपनी जान गंवा चुके हैं फिर भी निडरता से अपने कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।
राज्य सूचना आयोग के उदासीन रवैय्या को देखते हुए तनवीर अहमद की हिम्मत को सराहना जरूरी बन जाता है क्योंकि मामूली सूचनाओं को प्राप्त करने में आयोग के जितने चक्कर लगाने पड़ते है उतने में हज़ारों रुपये का पेट्रोल जेब से चला जाता है जबकि सूचना का शुल्क मात्र 10 रुपये सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। आयोग के माननीय आयुक्त महोदय जो समाज के बड़े बुद्धिजीवी वर्ग से निकलकर अपने रसूख से इन ओहदे पर बैठते हैं उनसे आम जनमानस और आरटीआई कार्यकर्ताओं की उम्मीदें टूटती नजर आ रही है। 30 दिन में साधारण सूचनाएं ना मिल पाने के कारण आवेदकों को सालों साल राज्य सूचना आयोग के कार्यालय में सिर्फ इसलिए दौड़ाया जाता है कि उनके द्वारा मांगी गई सूचनाओं को उनकी अनुपस्थिति में निस्तारित किया जा सके और सूचना के अधिकार के तहत आसानी से उपलब्ध होने वाली जानकारियों से वंचित रखा जा सके, लेकिन ऐसे माहौल में भी अनेक शासकीय विभागों के अधिकारियों को अपने मातहतों को ये कहते सुना जा सकता है कि बहुत बड़ा कागज़ी आदमी है तनवीर अहमद सिद्दीकी, न झुकेगा, न टूटेगा और न ही बिकेगा,,,कागज़ी कार्यवाही करता रहेगा।।
आईना टीम द्वारा समाज को आईना दिखाने में प्रयासरत तनवीर अहमद सिद्दीकी को सम्मानित किया जाने का सराहनीय प्रयास किया गया वहीं तनवीर अहमद सिद्दीकी ने आईना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय वर्मा को सम्मानित करके अपने व्यक्तित्व का एहसास कराया।

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