जगेंद्र सिंह की हत्या के खिलाफ मेरठ से सत्याग्रह

jagendraमेरठ के पत्रकारों में शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या से जबरदस्त गुस्सा है। पत्रकारों का सत्याग्रह शुरू हो गया है। इस क्रम में शुक्रवार (12जून 2015) पूर्वाह्न 11 बजे शहर के लगभग सभी प्रमुख पत्रकार और मीडियाकर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में जुटे। काली पट्टियां बांधकर सभी पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर पुलिस के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भिजवाया। ज्ञापन में आरोपी मंत्री और पुलिसवालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। इस सत्याग्रह में करीब सौ वरिष्ठ पत्रकार-छायाकार सर्वश्री श्रीकांत अस्थाना, हरिशंकर जोशी, दिनेश दिनकर, अऱविंद मिश्र, अभिषेक शर्मा, केपी त्रिपाठी, राजेश शर्मा, हेमा अग्रवाल, राजीव वशिष्ठ, रामभूल तोमर, सरदार अमरजीत सिंह, चीकू, मदन मौर्य, राजन सक्सेना, राजीव शर्मा, मुन्ना आदि ने हिस्सा लिया।
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ज्ञापन की मूल प्रति
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प्रति
राज्यपाल
उत्तर प्रदेश शासन,
राजभवन, लखनऊ।
द्वारा
जिलाधिकारी,
मेरठ, उत्तर प्रदेश।
——————— १२.०६.२०१५

महोदय

प्रदेश की लगातार गिरती जा रही कानून-व्यवस्था की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए मेरठ में कार्यरत हम पत्रकार प्रदेश भर में पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा को विशेष रूप से रेखांकित करना चाहते हैं।
शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह का उत्पीड़न और अंततः हत्या तथा कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्र को गोली मारे जाने की घटनाएं प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर कलंक हैं। ये स्थितियां यह भी साबित करती हैं कि प्रदेश में जंगलराज की स्थापना के लिए प्रयासरत शक्तियां न केवल समाज में प्रभावी हो रही हैं बल्कि उनकी मौजूदगी प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत बनी सरकार तक है। जब शासन व्यवस्था में ही हत्यारे मौजूद हों, तो कानून-व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह के उत्पीड़न और हत्या का मुख्य आरोपी राममूर्ति वर्मा आपके मंत्रिमंडल में मौजूद है जबकि उसके परिजन तथा उसकी शह पर जगेंद्र सिंह के विरुद्ध फर्जी मुकदमे दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आज भी प्रदेश सरकार की सेवा में मौजूद हैं। कानपुर में दीपक मिश्र को गोली मारने वाले अपराधियों को भी नहीं पकड़ा जा सका है।
हमारा मानना है कि पत्रकारों के विरुद्ध हो रही हिंसात्मक घटनाओं का आयोजन प्रदेश के पत्रकारों को आतंकित कर उन्हें जनता के सामने सत्य और वस्तुस्थितियां रखने से रोकने के उद्देश्य से है। ऐसा करके ही जंगलराज के हामी आराम से लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को रौंदने का दुस्साहस कर सकते हैं।
मेरठ में कार्यरत हम सभी पत्रकार इन स्थितियों की कठोर भर्त्सना करते हैं और आपसे मांग करते हैं कि तत्काल आरोपी राममूर्ति वर्मा को मंत्रिमंडल से निष्कासित कर गिरफ्तार किया जाए। पत्रकार जगेंद्र सिंह द्वारा स्पष्ट आशंका जताए जाने के बाद भी उसे सुरक्षा न देने और उलटे उसे ही फर्जी मुकदमों में फंसाने के अपराधी पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भी तत्काल राजकीय सेवा से मुक्त कर गिरफ्तार किया जाए। इसी प्रकार कानपुर के पत्रकार को गोली मारने वालों को भी जल्द से जल्द कानून की जद में लाने की व्यवस्था की जाए। प्रदेश शासन की सर्वोच्च सत्ता के रूप में आपसे हमारी मांग है कि कानून-व्यवस्था से संबंधित उपायों के साथ ही इन हत-आहत पत्रकारों के परिजनों को पर्याप्त सुरक्षा और आर्थिक क्षतिपूर्ति भी उपलब्ध करवाई जाए। ऐसा होने पर ही पत्रकारों में विश्वास की बहाली संभव है।
हमारा विश्वास है कि आप इन मांगों पर सक्रियता तथा सहृदयता से विचार करते हुए शीघ्र ही प्रदेश भर के पत्रकारों को आश्वस्त करेंगे। अन्यथा, प्रदेश के पत्रकारों के समक्ष राज्यस्तरीय आंदोलन के लिए सचेष्ट होने के अतिरिक्त कोई उपाय न होगा।

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साभिवादन,

मेरठ में कार्यरत समस्त पत्रकार

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