झूठा वर्जन छापने पर पीसीएस अफसर का जागरण को नोटिस, साथ में काली करतूतों का सीडी भी थमाया

बुलन्दशहर के चर्चित आरटीआई सामूहिक नकल मामले में मीडिया के मैनेज होने के सबूत पुलिस के हाथ लगने के बाद अपनी लाज बचाने के लिए दैनिक जागरण के ब्यूरो रिपोर्टर सुमनलाल ने पीसीएस अधिकारी के फर्जी वर्जन सहित एक खबर छाप दी। इस पर पीसीएस अधिकारी विशाल सिंह ने दैनिक जागरण के सम्पादक को नोटिस थमा दिया है, साथ ही दैनिक जागरण की करतूत को उजागर करता आडियो भी सीडी में डालकर दे दिया है। उन्होंने कार्रवाई करने की मांग की है।

दरअसल पिछले दिनों बुलन्दशहर के आईटीआई में सामूहिक नकल के मामले में दबाव बढ़ने के बाद आखिर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मीडिया को कैसे मैनेज किया गया, इसका अंदाजा तीन आडियो टेप से लगा। कैसे रूपये के दम पर दैनिक जागरण सहित तीन प्रमुख अखबारों को खरीदा गया। इतना ही नहीं, बढ़िया ढंग से कलम के कलियुगी बाजीगर मैनेज भी हुए। पत्रकारिता के नाम पर दलाली का यह नमूना भर है।

नकल माफिया उस डीएम बी.चन्द्रकला तक को गरिया रहे हैं, जो अपने कामों को लेकर जनता की पसंद बनी हुई हैं। आडियो टेप बता रहे हैं कि कैसे मामले को मीडिया को मैनेज करके मोड़ दिया जा रहा था। आडियो की बातचीत आइटीआइ के प्रधानाचार्य और इंजीनियरिंग कालेज के विजय कौशिक के बीच है। आरोपियों के मोबाइल से मिले इन आडियो टेप को इन्वेस्टीगेशन का पार्ट बना लिया गया है। दलाली के खेल में अब इज्जत बचायी जा रही है।

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एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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