मालिकों को लगेगी कर्मचारियों की बद्दुआ

मालिकों को लगेगी कर्मचारियों की बद्दुआ
मजीठिया का डर मीडिया मालिक की नींद उड़ा रहा हे। नए नए तरकीब लगा कर कंपनी अपना पाया मजबूत करने में लगी हे ,क्योकि उन्होंने सपनो में भी नहीं सोचा था की मीडिया कर्मी अपना हक़ मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जायेंगे। उनका अनुमान 5-6 लोगो का था । जिन्हें वो कैसे भी डरा धमका कर या समझौता करके अपनी तरफ कर सकते थे ,लेकिन सब कुछ उनकी सोच के विपरीत हुआ। उनके सामने मजीठिया के लिए एक फौज खड़ी हो गयी। मजीठिया एक भीषण आंदोलन बन चूका है ।
जो मीडिया मालिक को ना सोने देता है ना जागने देता है। मीडिया प्रबंधक ना चाहकर भी उनकी सेवा ले रहा है। जो अपने हक़ के लिए सुप्रीम कोर्ट गए है। तरस आता है ये सब देखकर । लाचार मीडिया मालिक को दूसरे कर्मचारी मिलते भी नहीं जो उस सैलरी पर उतना अच्छा काम कर सके जो वर्तमान कर्मचारी कर रहा है और करता आया है।
काम की कदर की होती तो मीडिया मालिक को ये दिन नहीं देखने पड़ते। अब गलती करी है तो भुगतना तो पड़ेगा।

गीता में भी लिखा है” इंसान को अपने कर्मो का फल भी इस जीवन काल में भोगना पड़ता है।” वैसे इतने मीडिया कर्मचारी और उनके घरवालो की बदुआ से बचना मुमकीन ही नहीं असम्भव है।

दैनिक भास्कर जोधपुर में कंपनी अपना पाया मजबूत करने के लिए हर मीडिया कर्मी से बांड भरवाकर रख रही है। जिसमे कंपनी का डर साफ साफ़ नजर आ रहा है । बांड की कॉपी भी आपकी सुविधा के लिए नीचे उपलब्ध है।

loading...
Loading...

Alok Shahar के फेसबुक से

Loading...
loading...