कांग्रेस के खिलाफ कल खुलते है केसेस, और आज CJI की वजह से “लोकतंत्र खतरे में है”

तो आज सुप्रीम कोर्ट के 4 जज आते है और कहते है की, लोकतंत्र खतरे में है, वैसे वो आरोप चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया पर लगाते है, वैसे बताते नहीं है की लोकतंत्र खतरे में क्यों है, ऐसा कौन सा फैसला कर दिया गया है जिसने लोकतंत्र को खतरे में ला दिया है
ये चारों जज मीडिया के सामने आते है, और देश की जनता को बताते है की जी लोकतंत्र खतरे में है, और इन जजों के प्रेस  कांफ्रेंस के बाद अफ़ज़ल प्रेमी गैंग इन चारों जजों के सपोर्ट में  खड़ी हो जाती है, प्रशांत भूषण, शेहला रशीद, जिग्नेश मेवानी, कांग्रेस के सभी नेता, कन्हैया कुमार, कविता कृष्णन जैसे लोग एक सुर में इन चारों जजों के सपोर्ट में खड़े हो जाते है
चलिए कुछ बिन्दुओ पर नजर डालिये और समझिये, भारत के चीफ जज हैं दीपक मिश्रा, ये वही जज हैं जिन्होंने सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान को अनिवार्य किया था, तो चीफ जज ने कल ही यानि बृस्पतिवार को 1984 सिख  विरोधी दंगों के 100 से ज्यादा केसेस को खोलने का आदेश दिया है, ये तमाम केसेस कांग्रेस नेताओं के खिलाफ है जिनको बंद कर दिया गया था, दीपक मिश्रा जो मुख्य जज हैं उन्होंने 100 से ज्यादा ऐसे खुलवा दिए है
और दूसरी चीज चीफ जज ने अयोध्या का मसला अपने पास रख लिया है, 5 जजों की बेंच अयोध्या का मसला देख रही है, और इस बेंच के अध्यक्ष स्वयं चीफ  जज दीपक मिश्रा है, और अयोध्या मसले में सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस राम मंदिर के खिलाफ लड़ रही है, कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल राम मंदिर के खिलाफ लड़ रहे है
जैसे ही चीफ जज ने 1984 के केस खुलवाए, उसके अगले दिन यानि की आज दिल्ली में जज चेलमेश्वर के घर सुबह पहुँचता है अफ़ज़ल प्रेमी गैंग का वामपंथी नेता और राज्यसभा सांसद डी राजा, और फिर चार जज तैयार होते है और प्रेस कांफ्रेंस करते है, और कहते है की जी लोकतंत्र खतरे में है
इन चारों जजों में एक है जज कुरियन – जो की एक कट्टरपंथी ईसाई है, उसने मोदी को ईसाई विरोधी बताया था, यानि पहले से मोदी विरोधी है, तो प्राकृतिक तौर पर सोनिया गाँधी जो की रोमन  कैथोलिक है उसका समर्थक है, अब  दूसरा जज है चेलमेश्वर – ये शख्स आधार का विरोधी है, कांग्रेस भी आधार की विरोधी है, क्यूंकि मोदी सबकुछ आधार से लिंक कर रहे है जिस से चोरो लुटेरों भ्रष्टाचारियों की नींद उडी हुई है
अब अगला जज है रंजन गोगोई – ये शख्स असम के पूर्व मुख्यमंत्री, जो की कांग्रेस के मुख्यमंत्री थे केशब गोगोई उनका सगा बेटा है, और  चौथा जज भी वामपंथी पृष्टभूमि से है, डी राजा से मिलने के बाद ये कहते है की लोकतंत्र खतरे में है, अब आप अपनी बुद्धि का सिर्फ 1% इस्तेमाल कीजिये तो माजरा समझ जायेंगे, ये साल है 2018 और ये विपक्ष के लिए करो या मरो का साल है चूँकि 2019 में चुनाव है, लोकतंत्र नहीं ये वामपंथी और कांग्रेस खतरे में है
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