अपनी ही पोस्ट पर घिरे टीवी पत्रकार रवीश कुमार

सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट को लेकर टीवी पत्रकार रवीश कुमार घिर गए हैं। रवीश ने अपनी फेसबुक वॉल पर बुधवार को एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने दिल्ली में फ्लाईओवर के नीचे गुजर-बसर करने वालों को भगाए जाने का मुद्दा उठाया है। रवीश की इस पोस्ट को 125 बार शेयर किया जा चुका है और तकरीबन 210 लोगों ने कमेंट भी किए हैं। अधिकांश कमेंट में लोगों ने इस पोस्ट के लिए रवीश की आलोचना की है।

एनडीटीवी के इस पत्रकार ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘आपने देखा होगा कि दिल्ली भर के फ्लाईओवर के नीच सौंदर्यीकरण चल रहा है। शायद केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की तरफ से यह सजावट हो रही होगी, चारों तरफ के फ्लाईओवर के खंभों को भद्दे चित्रों से पेंट किया जा रहा है और उसके नीचे की खाली जगह की बाड़बंदी हो रही है। फ्लाईओवर गरीबों और बेघरों का घर है। जो बहुतों को गंदा लगता है। तेज धूप, ठंड या बारिश के दिनों में शहरी गरीब यहां ठिकाना पाते हैं, लेकिन अब फ्लाईओवर की बाड़बंदी कर दी गई है। यह सब इसलिए हो रहा है ताकि दिल्ली के गरीब शहरी और दुपहिया चालक उसके नीचे खड़े न हो सकें। उसके नीचे रात न गुजार सकें’।

रवीश ने सवाल उठाया है कि शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए यह सब कितना जायज है? उनके विचार से कुछ लोग सहमति भी हैं, लेकिन अधिकांश का यही कहना है कि सरकार का विरोध करने की जल्दबाजी में रवीश यह भी भूल गए हैं कि क्या सही है और क्या गलत।

एक यूजर ने लिखा है, ‘आपकी सैलरी कितनी है, चलिए मिलकर गरीबों के लिए आश्रय खोलते हैं सरकार को कोसने से क्या होगा’। एक अन्य यूजर ने लिखा है, ‘खीज की भी हद होती है रवीश बाबू, मुझे यकीन नहीं होता कि ये उसी रवीश कुमार का अकाउंट है जिसका मैं कभी फैन हुआ करता था’। एक और यूजर ने सवाल किया है कि रवीश क्या आप झुग्गी-झोपड़ियों को बढ़ावा देने का काम कर रहे हो। शुरुआत के कुछ कमेंट का रवीश कुमार ने जवाब भी दिया, लेकिन जब आलोचकों की बाढ़ आ गई, तो वह खामोश हो गए। रवीश अपनी बेवाकी और तीखे सवाल दागने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अपनी इस पोस्ट पर उन्हें खुद तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

loading...
Loading...

फ्लाईओवर के नीचे से ग़रीबों को भगाने का सुंदर इंतज़ाम सरकार हमारा पैसा कहां ख़र्च करती है इसे लेकर थोड़ा सतर्क रहना…

Gepostet von Ravish Kumar am Dienstag, 20. März 2018

यहां देखिए कुछ कमेंट्स-

Loading...
loading...