‘प्रयुक्ति’ अखबार में चेक बाउंस होने का सिलसिला जारी

दिल्ली से नोएडा शिफ्ट हो चुके ‘प्रयुक्ति’ अखबार की आर्थिक हालत खराब होती जा रही है। यहां चेक बाउंस का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले हफ्ते भी करीब आधा दर्जन लोगों के चेक बाउंस हुए हैं। इनमें हीरेन्द्र राठौर, मनोज अग्रवाल, अनामिका सिंह और तीन अन्य रिपोर्टरों के नाम शामिल हैं।

ये सभी लोग मालिक की दिशाहीन सोच और अखबार की बिगड़ती हार्थिक हालत और लगातार आगे बढ़ती सेलरी की तारीख के चलते अखबार छोड़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग भी मालिक संपत और विनय के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों मालिकों के खिलाफ कई केस पहले ही विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। अखबार की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि मालिक संपत ने यहां के कई कर्मचारियों की सेलरी 5-6 हजार तक घटा दी है।

दिल्ली छोड़ने के पीछे भी पैसे की तंगी रही है। ‘प्रयुक्ति’ अखबार के मालिकों ने वोडा, आइडिया, एयरटेल और दूसरी फोन सेवा उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियों से कॉरपोरेट कनेक्शन लेकर लाखों रूपये के बकाया बिल जमा नहीं कराए। यही कारण है कि प्रयुक्ति का मालिक संपत कुमार अपने कई मोबाइल नंबर बदल चुका है। संपत ने दिल्ली ऑफिस में कई कार्यक्रम कराए थे, इन पर भी लाखों रूपये खर्च किए और फूल वाले, कैटरर, टेंट वालों का भुगतान नहीं किया।

इसके अलावा स्टाफ के लोगों के डिजी बैंक, आईसीआईसीआई, एक्सिस, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा सहित कई बैंकों में अलग अलग सेलरी अकाउंट खुलवाकर बैंकों से लोन ले लिया। जब इन सभी का दबाव वसूली के लिए बढ़ गया तो संपत ने दिल्ली छोड़कर अखबार का नया ठिकाना नोएडा के सेक्टर-2 में बना लिया।

जब कोई मालिक कंपनी के एक ही कर्मचारी का सेलरी अकाउंट तीन-चार बैंकों में खुलवाए तो इसके पीछे की साजिश आसानी से समझ आ सकती है। समाचार एजेंसी भाषा और यूनीवार्ता का लाखों रूपये का सदस्यता शुल्क अखबार की ओर बकाया है। अखबार लगातार आर्थिक और कानूनी मुश्किलों में फंसता जा रहा है जिसके कारण यह अखबार नौकरी करने के लिए बिलकुल सही जगह नहीं है। आने वाले दिनों में सेलरी दो महीने में भी मिल जाए तो गनीमत होगी क्योंकि सर्कुलेशन और मार्केटिंग की सेलरी तीन-चार महीने लेट हो चुकी है।

‘प्रयुक्ति’ में कार्यरत रहे एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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