चुनाव प्रक्रिया पर ट्रम्प सवाल उठाएँ तो ‘झूठे’ और भारत में EVM पर आरोप ‘गंभीर’: देखें रवीश कुमार की दोहरी बातें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार का दोहरा रवैया एक बार फिर से सामने आया है और इस बार उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना को लेकर भारत को बदनाम करने की कोशिश की है। रवीश कुमार ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे अमेरिका में मतों की गिनती में जैसे ही डोनाल्ड ट्रम्प पिछड़ने लगे, उन्होंने ‘झूठ का एक्सेलेटर’ दबा दिया। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में चल रही ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस को कई समाचार चैनलों ने प्रसारण रोक दिया। यही रवीश खुद भारत में EVM का रोना रोते रहे हैं।

रवीश कुमार ने दावा किया कि अमेरिका के समाचार चैनलों ने ये कहते हुए ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रसारण रोक दिया कि वो पहले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए तथ्यों की जाँच करेंगे। इसके बाद अपना प्रोपेगंडा फैलाते हुए रवीश पूछने लगे कि अगर ऐसा भारत में हो जाए तो ED की टीम सिर्फ घर में ही नहीं जाएगी, बल्कि पूरे घर को ही ED के दफ्तर में मँगा लिया जाएगा। एसोसिएट प्रेस ने जानकारी दी है कि ABC, CBS और NBS जैसे बड़े चैनलों ने प्रसारण रोका।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प चुनाव मे धाँधली को लेकर ‘अनर्गल’ आरोप लगा रहे थे, इसीलिए इन चैनलों का कहना था कि वो पहले ट्रम्प द्वारा लगाए गए भ्रामक आरोपों की जाँच करेंगे। अभी जो रवीश कुमार अमेरिकी चुनावों को पवित्र और उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले को झूठा बता रहे हैं, वही रवीश कुमार भारत में उन लोगों का समर्थन करते रहे हैं, जो यहाँ की चुनाव प्रक्रिया और EVM पर सवाल खड़े करते हैं।

रवीश कुमार का वो वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि EVM हैकिंग के आरोपों को मजाक में नहीं, बल्कि गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव को हैक किया गया था या उसमें गड़बड़ी हुई थी, ये सवाल फिर से उठ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जिस EVM मशीन को देवता मानते हुए हम मजाक में सारे आरोपों को उड़ा देते हैं, लंदन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसे लेकर कई आरोप लगाए गए हैं।

रवीश कुमार ने कहा था कि EVM को लेकर संदेह इतना बढ़ गया है कि वज्रगृह के बाहर राजनीतिक कार्यकर्ता जमा हो जाते हैं और देखते रहते हैं कि कहीं EVM को बदल न दिया जाए या फिर उसे हैक न कर लिया जाए। तब वो देश के कई इलाकों में EVM पर लगे आरोपों की जाँच की बात कर रहे थे। आज यही रवीश कुमार अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल न उठाने को कह रहे हैं। और जब यही चीजें भारत में हो तो बुरी हो जाती है।

उधर रवीश कुमार ने अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी को लेकर भी फेसबुक पोस्ट लिखा है। अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी क्यों और किस तरह से हुई, इस बारे में आपको पता ही होगा। पहले पैराग्राफ में ही रवीश ने गिरफ़्तारी के तरीकों पर सवाल करते हुए कानून के जानकारों के हवाले से इसे गलत बताया। लेकिन, दूसरे पैराग्राफ में ‘Whataboutery’ शुरू हो जाती है। रवीश कुमार सहित सारे गिरोह के लोग साथ में लिख रहे हैं कि वो अर्णब गोस्वामी को पत्रकार नहीं मानते।

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