अखिलेश vs अवनीश अवस्थी: ‘हम नहीं भूलेंगे’ वाले बयान पर हंगामा क्यों
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई मौके पर कहा कि वह 'टोंटी चोरी' के आरोप को भूलने वाले नहीं है। न ही इसके पीछे के चेहरों को। वे खुलकर पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी का नाम लेते हैं। समझते हैं पूरा मामला क्या है?
अवनीश अवस्थी पर सीधा निशाना
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “मेरी छवि खराब करने के लिए टोंटी चोरी की खबर उस IAS अवनीश अवस्थी ने चलवाई थी। उस IAS को मैं कभी माफ नहीं करूंगा, मैं उसे कभी नहीं भूल सकता।” यह बयान बेहद गंभीर है, क्योंकि अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक रहे हैं। उनका नाम सरकार के कई बड़े फैसलों और परियोजनाओं में शामिल रहा है। यह आरोप यह भी दिखाता है कि कैसे सत्ता के गलियारों में राजनीतिक और नौकरशाही के बीच पर्दे के पीछे की लड़ाइयाँ होती रहती हैं। अखिलेश यादव का यह बयान न केवल एक पुरानी घटना को फिर से सामने लाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि राजनीतिक बदले की भावना कितनी गहरी हो सकती है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बनाम पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी के बीच विवाद थमता नहीं दिख रहा है। वैसे तो विवाद की असली शुरुआत साल 2017 में हुई। मगर लगभग आठ साल बाद भाजपा विधायक केतकी सिंह के बयान ने कथित ‘टोंटी चोरी’ के मामले को दोबारा जिंदा कर दिया। शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि वह ‘टोंटी चोरी’ के आरोप को कभी नहीं भूलेंगे।
अखिलेश यादव का कहना है, ‘टोंटी चोरी वाले मामले की एक पत्रकार ने स्टिंग ऑपरेशन में पूरी जानकारी हासिल की। उसने कहा था कि आईएएस अवनीश अवस्थी है। यह बात हम लोग भूलने वाले नहीं है। यह बात सरकार भी जान ले और सरकार चलाने वाले भी जान ले।’ बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं, जब अखिलेश यादव का दर्द छलका है। वह पहले भी कई मौकों पर इसका जिक्र कर चुके हैं और सरकार पर साजिशन छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते रहे हैं। पहले भी एक प्रेस कॉन्फ्रेस में अखिलेश यादव आरोप लगा चुके हैं कि दैनिक जागरण अखबार ने आईएएस अवनीश अवस्थी और सरकार के इशारे पर यह साजिश रची।
यूपी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने पूरे मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ अवनीश अवस्थी को ही नहीं, सपा के गुंडे गांव-गांव लोगों को धमका रहे हैं। इस बीच अखिलेश यादव के बयान को राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने ब्राह्मणों का अपमान करार दिया। उनका कहना है कि अखिलेश यादव का बयान सिर्फ अवनीश अवस्थी पर सीधा हमला नहीं, बल्कि करोड़ों ब्राह्मणों का अपमान है। भराला ने दावा किया कि पूरे देश का ब्राह्मण समाज उनके साथ खड़ा।
सपा प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने एक्स पर लिखा, ‘जिसने ‘टोंटीचोर’ का तखल्लुस गढ़ा है, वह समझ ले कि इतिहास ऐसे दुर्योधनों को धूल में मिला देता है। समाजवादी नायक पर कीचड़ उछालने वाले यह न भूलें कि सत्य जब प्रतिकार करता है तो व्यंग्य नहीं, प्रलय रचता है।’ अर्षित यादव नाम के एक यूजर्स ने लिखा, ‘ये वही सिस्टम है जो नेताओं को नहीं, उनके विरोध को निशाना बनाता है। टोंटी चोरी की कहानी बनाकर अखिलेश यादव की छवि बिगाड़ने की साजिश शर्मनाक थी। जनता सब देख रही है।’
ताजा मामला कैसे उठा?
बलिया की बांसडीह विधानसभा से भाजपा विधायक ने अपने एक बयान में अखिलेश यादव को ‘टोंटी चोर’ कहा। बुधवार को सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ स्थित केतकी सिंह के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया ने विधायक केतकी सिंह को लीगल नोटिस भेजा। इसमें 15 दिन में लिखित में माफी मांगने और ऐसा नहीं करने पर 5 करोड़ रुपये के मानहानि का मामला दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। केतकी सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार को अखिलेश यादव ने कहा कि वह अभी उस समय के रवैये और अफसरों को नहीं भूले हैं, जब उनसे सरकारी आवास खाली करवाया गया था। सही वक्त आने पर जवाब देंगे।
पूरी कहानी का बैकग्राउंड समझें
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में पहली बार बहुमत मिला। योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। चुनाव हारने के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। इस बीच कथित खबर आई कि सीएम के सरकारी आवास से टोंटी गायब है। टाइल्स टूटी हैं और पार्क खोद दिया गया है। आवास से कई अन्य सामान गायब है। इसके बाद ‘टोंटी चोर’ शब्द को अखिलेश के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाने लगा। भाजपा नेताओं ने कई रैलियों में इसका जिक्र किया।
अखिलेश और अवनीश में विवाद क्या?
2017 में अवनीश अवस्थी यूपी के मुख्य सचिव थे। अखिलेश यादव का आरोप है कि अवनीश अवस्थी और उनके ओएसडी रहे अभिषेक कौशिक के इशारे में ‘टोटी चोरी’ की छवि गढ़ी गई। इस साजिश में यूपी का एक प्रमुख अखबार शामिल रहा। अखिलेश यादव इस पूरे प्रकरण को न केवल छवि को धूमिल करने बल्कि व्यक्तिगत अपमान के तौर पर देखते हैं।
कौन हैं अवनीश अवस्थी?
अवनीश अवस्थी 1987 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। 31 अगस्त 2022 को वे सेवानिवृत्त हुए। मौजूदा समय में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार हैं। उनका कार्यकाल फरवरी 2026 तक है। अवनीश को सीएम योगी आदित्यनाथ का बेहद करीबी माना ज्यादा है। वे लोक गायिका मालिनी अवस्थी के पति भी हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बनाम पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी के बीच विवाद थमता नहीं दिख रहा है। वैसे तो विवाद की असली शुरुआत साल 2017 में हुई। मगर लगभग आठ साल बाद भाजपा विधायक केतकी सिंह के बयान ने कथित ‘टोंटी चोरी’ के मामले को दोबारा जिंदा कर दिया। शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि वह ‘टोंटी चोरी’ के आरोप को कभी नहीं भूलेंगे।


