अपनी बीमार बहन से बहुत प्यार करता था मानस, लखनऊ डबल मर्डर और सुसाइड केस में नया खुलासा
मानस के पिता बैंक में अफसर रहे थे। मानस खुद भी एसबीआई में अधिकारी था। पत्नी दिव्या भी आईसीआईसीआई बैंक में अच्छे पद पर थीं। गोमती नगर हुसेड़िया में बड़ा मकान। मकान में एक रेस्टोरेंट भी किराए पर था। मानस आर्थिक रूप से संपन्न था। माता-पिता की मौत के बाद छोटी बहन की जिम्मेदारी ने मानस के अंतर्मन को मजबूत कर रखा था, लेकिन 10 महीने पहले पत्नी दिव्या के मायके चले जाने और तलाक के लिए अर्जी डालने से दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी।
पारिवारिक कलह ने गुरुवार को लखनऊ के गोमतीनगर का एक पूरा परिवार खत्म कर दिया। स्टेट बैंक के एक अफसर मानस ने गुरुवार को अपनी बैंक अफसर पत्नी को ब्रांच के बाहर गोली से उड़ा दिया। इसके बाद सीधे अपने घर पहुंचा और मानसिक रूप से बीमार बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर व्हाट्सऐप स्टेटस लगाकर खुद को भी गोली से उड़ा लिया। चंद मिनटों में तीन-तीन जिंदगियों के खात्मे से कोहराम मच गया। हत्यारोपी बैंक अफसर ने इन वारदातों को अंजाम देने के लिए तीन अवैध पिस्टलों का इस्तेमाल किया था। शायद उसने सबकुछ खत्म करने का दृढ़ निश्चय कर लिया था। हर कोई हैरान है कि मानस ने आखिर ऐसा क्यों किया। अब धीरे-धीरे इस अफसोसजनक कांड से जुड़ी बातें सामने आ रही हैं। मानस ने जिस बहन को गोली मारी उससे बहुत प्यार करता था।
मानस के पिता बैंक में अफसर रहे थे। मानस खुद भी एसबीआई में अधिकारी था। पत्नी दिव्या भी आईसीआईसीआई बैंक में अच्छे पद पर थीं। गोमती नगर हुसेड़िया में बड़ा मकान। मकान में एक रेस्टोरेंट भी किराए पर था। मानस आर्थिक रूप से संपन्न था। माता-पिता की मौत के बाद छोटी बहन की जिम्मेदारी ने मानस के अंतर्मन को मजबूत कर रखा था, लेकिन 10 महीने पहले पत्नी दिव्या के मायके चले जाने और तलाक के लिए अर्जी डालने से दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी। मानस अकेलेपन से टूटता चला गया। चंद महीने में बिखरती जिंदगी को देख मानस ने खौफनाक कदम उठाया। मानस अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बहन को बहुत प्यार करता था। माता पिता की मौत के बाद उसने अभी बहन को खुद से जुदा नहीं रखा। वह कहीं भी बाहर घूमने जाता तो बहन को साथ ले जाता। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि दिव्या को यह बात पसंद नहीं थी। दिव्या का उसकी बहन के प्रति नकारात्मक रवैया ही उसके मन को अंदर से झकझोरता रहता था।
परिवार में दखलंदाजी के कयास
मानस ने अपने स्टेटस पर पत्नी की बहन और साढू के लिए लिखा कि वह सब कुछ जानते हैं। इससे यह कयास लगाए जाने लगे कि मानस, उसकी पत्नी दिव्या और छोटी बहन के बीच कुछ लोग दखलंदाजी कर रहे थे। पर, अब मानस के सब्र का बांध टूट चुका था। इसलिए ही उसने इस खौफनाक इतिहास की पटकथा लिख दी। असलहे खरीदे और घातक कदम उठाया।
पत्नी से रिश्ता, बहन की जिम्मेदारी का था धर्मसंकट
मानस एक ओर अपनी बहन से अगाध प्रेम करता था, साथ ही पत्नी से भी रिश्ते को पूरी ईमानदारी के साथ निभाना चाहता था। शायद यही धर्मसंकट उसको भीतर ही भीतर खाए जा रहा था। मामा अवधेश शुक्ला ने बताया कि कोर्ट में दोनों ने अपनी बात कही थी। पता चला कि शादी के शुरुआती कुछ साल दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा। दोनों एक दूसरे का पूरा ध्यान रखते थे। शादी के दो साल बाद मानस की बहन तूलिका की तबीयत बिगड़ गई। इसे देखकर दिव्या घबरा गई और उसने मानस से अलग रहने की बात कही। वहीं, मानस किसी भी सूरत में अपनी बेबस बहन को अलग नहीं करना चाहता था। कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान मानस का कहना था कि वह अभी भी रिश्ता बचाना चाहता है, जबकि दिव्या ने साफ कर दिया था कि वह अलग रहना चाहती है। यह रिश्ता मानस के पिता ने तय किया था। धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन 8 साल बाद यह रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया। 18 अगस्त को दोनों कोर्ट में आमने-सामने हुए, जहां मानस ने पत्नी को घर वापस चलने के लिए कहा, लेकिन दिव्या ने इनकार कर दिया। रिंग सेरेमनी के तीसरे दिन मानस के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
गोली की आवाज सुनकर आए बैंक गार्ड को धमकाया
लखनऊ के गोमतीनगर में गुरुवार को पत्नी और बहन की हत्या के बाद बैंक अफसर मानस ने खुद को भी गोली मार कर जान दे दी थी। वारदात के 24 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे भी मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। मिट्टी के बर्तन बेचने वाला मुश्ताक चबूतरे पर पानी डालकर साफ सफाई कर रहा था।
बैंक में आधा शटर बंदकर कर्मचारी अंदर काम कर रहे थे। उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इनकार कर दिया। सिलबट्टा बेचने वाली एक प्रत्यक्षदर्शी अर्चना और गौरव ने घटना की जानकारी दी। अर्चना ने बताया कि दोपहर जैसे ही बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या कार से उतरकर बैंक के अंदर जा रही थीं, पीछे से एक आदमी (मानस) पहुंचा उसने दिव्या को पकड़कर खींच लिया। गोली की आवाज सुनकर बैंक के गार्ड और कुछ कर्मचारी दौड़े। उन्होंने मानस का पीछा किया। मानस के दोनों हाथों में असलहे थे उसने तान दिया। असलहा तना देखकर ठिठके और फिर वापस बैंक की ओर भागे। इस बीच मानस भाग निकला। उधर, मानस के घर के आस पास भी सन्नाटा पसरा रहा। रेस्टोरेंट भी बंद रहा। हालांकि आस पास के दुकानदार और लोग मानस और घटना को लेकर चर्चा कर रहे थे।
छुट्टी पर गया बैंक गार्ड
बैंक के बाहर हुई सनसनीखेज घटना के समय गुरुवार को जो गार्ड ड्यूटी पर था शुक्रवार को वह नहीं मिला। उसके स्थान पर गार्ड कुलदीप ड्यूटी पर था। कुलदीप से पूछा गया कि कौन ड्यूटी पर था। उन्होंने बताया कि वह छुट्टी पर था। आज उसकी ड्यूटी है। उसे घटना के बारे में कुछ नहीं पता।
यू-टूबर प्रज्ञा मिश्रा यादव के जीजा ने आखिर अपने बहन की क्यों की हत्या !
‘भैया पसीने में भीगे थे, मुझसे बोले… ‘, किरायेदार ने बताई पति-पत्नी और खूनी खेल की पूरी कहानी
पति की साइको हरकतों से परेशान होकर अलग रह रही थी दिव्या : प्रज्ञा मिश्रा यादव


