पति की साइको हरकतों से परेशान होकर अलग रह रही थी दिव्या : प्रज्ञा मिश्रा यादव
मम्मी का फोन आ रहा, हिम्मत नहीं हो रही… सगी बहन की हत्या पर पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा यादव ने लिखा इमोशनल पोस्ट, सब कुछ बता दिया
लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर दिनदहाड़े हुई दिव्या मर्डर केस का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. 20 अगस्त की दोपहर दिव्या के पति मानस बाजपेई ने बीच सड़क पर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. इस खौफनाक वारदात के बाद मृतका की बहन और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर एक इमोशनल और दिल दहला देने वाला पोस्ट शेयर किया है. प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में वारदात की एक-एक भयावह सच्चाई बताते हुए पति की साइको हरकतों और अपनी बहन की बेबसी को बयां किया है.
पहली रिवॉल्वर से गोलीबारी और सिर पर हमला
जब दिव्या बैंक के गेट पर पहुंचीं तभी उनके पति ने पहले अपनी पहली रिवॉल्वर से उन पर गोली चलाई. इसके बाद आरोपी ने रिवॉल्वर की बट से दिव्या के चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए. वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए.
दूसरी रिवॉल्वर निकालकर माथे पर दागीं गोलियां
हैवानियत की हदें पार करते हुए आरोपी पति ने अपनी दूसरी रिवॉल्वर निकाली और फिर से फायर किया. प्रज्ञा ने लिखा कि दिव्या के माथे पर बहुत बड़े-बड़े होल हो गए हैं.
‘मम्मी का फोन आ रहा है, हिम्मत नहीं हो रही…’
क्या था पूरा मामला
20 अगस्त की दोपहर बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा की हत्या करने के बाद आरोपी पति मानस फौरन अपने घर पहुंचा. वहां उसने अपनी बीमार सगी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद को भी गोली मारकर अपनी जान दे दी. पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच कर रही है .
हत्या के पीछे की वजह?
मानस ने खुद को गोली मारने से पहले एक वॉट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था. इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इस स्टेटस पर उसने लिखा था ‘“Today I killed my wife as she cheated on me…” यानी आज मैंने अपनी पत्नी को मार दिया. क्योंकि उसने मुझे धोखा दिया.’
आगे उसने खुद को और अपनी बहन को भी मारने की बात लिखी है. स्टेटस में प्रज्ञा और भरत का भी जिक्र किया गया है और लिखा है कि उन्हें सब कुछ पता है.
Pragya Mishra’s Post
मेरी बहन दिव्या मिश्रा लखनऊ के गोमतीनगर आईसीआईसीआई बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर थी वो पति की साइको हरकतों और उसकी बहन के पागलपन की बिमारी की वजह से अलग रह रही थी.. रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ़्तर पहुंची थी..दफ़्तर पहुंचने के बाद उसने अपना कामकाज निपटाया उसके बाद वो किसी से कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने कलीग के साथ बाहर चली गई..इस दरमियान उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा. .जब वो बैंक पहुंची बैंक के गेट पर उसके पति ने पहले पहली रिवॉल्वर से गोली चलायी..फिर रिवॉल्वर की बट से चेहरे सिर पर कई वार किये..पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए..फिर दूसरा रिवॉल्वर निकाला उससे फायर किया..माथे पर उसके बहुत बड़े बड़े होल हैं..दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है..तुम मम्मी का बेटा थीं..मम्मी का बार बार फोन आ रहा है..मेरी हिम्मत नहीं है की की मैं उनको कह सकूँ की तुम अब नहीं रहीं..दिव्या काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं..काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते..


