देहरादून से अमित सिंह ने सहारा को बेसहारा कर दिया

sahara17सहारा को बेसहारा करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है । आये दिन कोई न कोई कर्तव्य योगी (सहारा में कोई कर्मचारी नहीं है सारे के सारे कर्तव्य योगी हैं तब यह हाल है) संस्थान का दामन छोड़ रहा है। ताजा मामला राष्ट्रीय सहारा देहरादून के मार्केटिंग विभाग का है । इस विभाग में कार्यरत अमित सिंह ने सहारा को बेसहारा कर दिया । अमित हाल ही में सहारा से जुड़े थे । इनकी पत्नी भी इसी संस्थान में हैं । वो भी लंबी छुट्टी पर हैं । शायद देहरादून एकमात्र ऐसा संस्करण होगा, जहाँ लोग आए कम, गए ज्यादा । अभी कुछ और के जाने की चर्चा है जिसकी जानकारी जल्द ही सामने आएगी । एक कहावत है कि जब जहाज डूबने को होता है तो सबसे पहले चूहे भागते हैं ‘ लेकिन यहाँ जिसको मौका मिल रहा है, वही भाग रहा है। हाल ही में लखनऊ यूनिट से भूतपूर्व यूनिट राजेंद्र द्विवेदी खूंटा तोड़ाकर भाग गए। वो तो वो गए अपने साथ कलाम खान को ले गए । इनके पहले इसी संस्करण से रेखा सिन्हा और रामेन्द्र सिंह सहारा को बाय बाय कर गए । आज स्थिति यह है कि चिरौरी करने पर भी लोग सहारा में नहीं आ रहे है। आने की छोड़िये टका सा जवाब दे रहे हैं कि डूबते जहाज पर कौन सवार होगा । इनकी बात में दम है, सहारा अगर डूबता जहाज न होता तो सहारा की उंगली पकड़ कर पत्रकारिता शुरू करने वाले स्वतंत्र मिश्रा और उपेन्द्र राय सहारा को मझधार में छोड़कर क्यों जाते ?

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित

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