वेतन के लिए पुलिस तक पहुंचे कल्‍पतरू अखबार के कर्मचारी

kalptaru-06-वेतन की जगह फेक चेक और धमकियां मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश
-आज मथुरा के कर्मचारी हो रहे हैं एकजुट
-अखबार के अलावा कल्‍पतरू की दूसरी कंपनियों के कर्मचारी भी वेतन के लिए पुलिस व कानून की शरण लेने को मजबूर
-कर्मचारियों का पीएफ और टीडीएस का पैसा भी नहीं किया गया जमा
जैसा कि अंदेशा था कल्‍पतरू ग्रुप के अखबार ‘कल्‍पतरू एक्‍सप्रेस’ के कर्मचारी कल अपनी फरियाद लेकर थाने तक जा पहुंचे। आगरा ऑफिस के इन कर्मचारियों को पहले तो कई-कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया और फिर अखबार बंद होने के बाद वेतन के जो चेक दिए गए, वो भी पास नहीं हुए लिहाजा कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया।
बताया जाता है कि कल्‍पतरू एक्‍सप्रेस के ये कर्मचारी कल एकत्र होकर सिकंदरा थाने पहुंचे और अपनी परेशानी थाना प्रभारी को बताई। यह लोग कल्‍पतरू ग्रुप के चेयरमैन जयकृष्‍ण राणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के मकसद से पहुंचे थे। इससे पहले इन लोगों ने कल्‍पतरू एक्‍सप्रेस के आगरा स्‍थित कार्यालय पर एकजुट होकर अपना आक्रोश व्‍यक्‍त किया।
कर्मचारियों में आक्रोश फैल जाने तथा उनके थाने तक पहुंच जाने की जानकारी होते ही जयकृष्‍ण राणा के गुर्गे सक्रिय हो गए और किसी तरह मामले को निपटाने का प्रयास करने लगे।
सिकंदरा थाने से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इन गुर्गों ने जैसे-तैसे उन कर्मचारियों को चेक के पैसे नकद देकर मामला रफा-दफा करने पर राजी कर लिया किंतु समस्‍या तब और खड़ी हो गई जब ऐसे दूसरे अन्‍य कर्मचारी भी देर शाम अपनी शिकायत लेकर थाने जा पहुंचे क्‍योंकि इन लोगों को भी थाने पर हिसाब होने तथा अपनी दीवाली मन जाने की उम्‍मीद बंध गई।
इधर आगरा में पुलिस की मदद से अखबार के कुछ कर्मचारियों का हिसाब होने की जानकारी मिलने के बाद मथुरा सहित दूसरे जनपदों में कार्यरत कल्‍पतरू एक्‍सप्रेस के कर्मचारियों ने भी यही तरीका अपनाने का मन बना लिया है।
बताया जाता है कि मथुरा के कर्मचारी आज कार्यालय पर एकत्र होकर कोतवाली जाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उन्‍हें भी समय रहते उनका वेतन मिल सके और उनकी दीवाली अच्‍छे से मन जाए।
यह भी पता लगा है कि कर्मचारियों को वेतन न मिलने का यह मामला सिर्फ अखबार के कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्‍कि ग्रुप की तमाम कंपनियों के कर्मचारी भी वेतन के लिए महीनों से तरस रहे हैं। इन लोगों ने ई-मेल आदि के माध्‍यम से भी अपने वेतन की मांग की है किंतु उन्‍हें कोई जवाब नहीं दिया गया। हारकर यह लोग भी अब न्‍यायालय और पुलिस की शरण में जाने को बाध्‍य हैं।
कर्मचारियों की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी बताया जाता है कि उन्‍हें उनका वेतन देने की जगह जयकृष्‍ण राणा के गुर्गे धमकी देते रहे हैं।
इन गुर्गों में शामिल लोगों की पहचान जैन बंधुओं, गोयल, गर्ग और बिहार के रहने वाले किसी व्‍यक्‍ति के रूप में की जा रही है। यह वह लोग हैं जिनकी कल्‍पतरू ग्रुप में जुड़ने से पहले सड़क छाप लोगों जितनी हैसियत हुआ करती थी।
कर्मचारियों को उनके वेतन आदि का भुगतान करने की बजाय राणा के गुर्गों द्वारा धमकी देने की पुष्‍टि इस बात से भी होती है लीजेंड न्‍यूज़ द्वारा प्रकाशित समाचारों के संदर्भ में कल्‍पतरू ग्रुप के किसी व्‍यक्‍ति ने कभी अपना पक्ष सामने नहीं रखा अलबत्‍ता खबर लिखने का परिणाम भुगतने तथा देख लेने की धमकियों अप्रत्‍यक्ष रूप से जरूर दी जा रही हैं।
ग्रुप के ही सूत्रों की मानें तो कल्‍पतरू ग्रुप ने एक और गंभीर आर्थिक अपराध अपने कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा न करके तथा टीडीएस के रूप में काटा गया पैसा भी जमा न करके किया है।
कर्मचारी अब इस मामले को लेकर भी कानून का सहारा लेने की तैयारी करने लगे हैं ताकि उनकी मेहनत का पैसा उन्‍हें और सरकार का पैसा सरकार को मिल सके।

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