हत्या पर वामपंथी दोगला विलाप

के.के.उपाध्याय

गौरी लंकेश की हत्या हो गई। वामपंथी गौरी लंकेश पैट्रिक । हत्या भी नृशंस। इस हत्या की जितनी भी निंदा की जाए कम है। हत्या किसने की यह अभी तक पुलिस भी अनुमान नहीं लगा सकी है। हमारे वामपंथी मित्रों ने तो कल से ही फतवा दे दिया ये हत्या दक्षिणपंथियों ने की है। आरएसएस ने की है।

गांधी की हत्या तक से जोड़ा जाने लगा। आपको बता दूं कि गौरी का विवाद सिर्फ आरएसएस से ही था ऐसा नहीं है। जिस पत्रिका की वो मालिक थीं वो भी अपने परिवार से विवाद के बाद उन्हें मिली । कोर्ट-कचहरी के बाद। अभी उनका विवाद वर्तमान की कांग्रेस सरकार के एक मंत्री से चल रहा था। वही मंत्री जिसने अपने रिसार्ट में गुजरात के विधायकों को पनाह दी थी। इसके अलावा भी तमाम विवाद चल रहे थे।

संघ से मानहानि का मुकदमा वो हार चुकी थींं। लेकिन वामपंथियों ने तो फैसला दे दिया। ना कोर्ट ना कचहरी जो वामपंथी कहे सो सही। कल से बड़ी पोस्टें आ रही हैं कि विचार मरते नहीं इन्हीं विचारों में से एक बानगी यह भी थी – 6 महीनें पहले जब एक आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या केरल में हुई थी, तब गौरी लंकेश का बयान था – कि क्लीन केरला। तब किसी ने पलट कर नही पूछा कि ऐसा क्यों कह रही हो।

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एक बार देश के लेफ्ट विंग या हिन्दू विरोधी लोगों को सोचना चाहिये क्या सेलेक्टिव अप्रोच से आप कुछ सुधराना चाहते हैं ? तब असिहुष्णता वाली ब्रिगेड को भी कुछ गलत नहीं लगा। यही बयान अभी संघ के गली मोहल्ले में शाखा लगाने वाला दे देता तो मानों देश पर आफत टूट पड़ती । देश में भय को माहौल व्याप्त हो जाता । हत्या जैसे अपराधों पर भी यह दोहरापन क्यों । कल मैंने अपने एक मित्र की पोस्ट पर केरल में हुई हत्या पर भी बोलने को कहा था तो कोई जवाब नहीं मिला।

मुझे कहा गया कि ये आपकी बिरादरी के हैं, यानि पत्रकारिता के। क्या जो पत्रकार नहीं हैं उनकी हत्याएं जायज है। फिर एक बार कहता हूं हत्या किसी की भी हो जायज नहीं है। लेकिन बगैर किसी आधार के फतवे जारी करना भी ठीक नहीं है। फिर कर्नाटक में तो सरकार भी कांग्रेस की है…जांच कराए कोई दोषी है तो फांसी पर चढ़ा दे। प्लीज तब तक ये थूक बिलोने वाली और दोगले चरित्र वाली फतवेबाजी बंद करो….। विलाप करना ही है तो फिर हर उस हत्या पर करो जो हत्या है….। और हां आपको फैसले देने का हक किसने दिया …..?

फेसबुक वाल से साभार

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