महिला फोटो पत्रकार का कैमरा छीनने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया

जेएनयू छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक फोटो पत्रकार का कैमरा छीनने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जिसमें एक महिला कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल शामिल हैं। वहीं प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार से छीना गया कैमरा भी रविवार को मिल गया।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा कि दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भीड़ को संभालने के दौरान गैरपेशेवर आचरण के लिए सतर्कता जांच के शुरुआती परिणाम के आधार पर दिल्ली आर्म्ड पुलिस की एक महिला कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल( पुरुष) को निलंबित किया गया है।

वहीं उसी दिन हुई महिला पत्रकार से छेड़छाड़ की एक अन्य घटना में पुलिस की विजिलेंस जांच जारी है। इसमें अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विजलेंस जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

शैक्षणिक आजादी सहित विभिन्न मांगों पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय से संसद परिसर की ओर मार्च निकाला था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया और मार्च में भागीदारी कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ी। इस झड़प में पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया।

दो पत्रकारों ने अलग अलग शिकायतें दर्ज कराते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला करने और मीडियाकर्मियों से छेड़खानी का आरोप लगाया। शनिवार को पत्रकारों ने मामले में एसएचओ पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।

दरअसल, शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिंसक होते देख पुलिस को पानी की बौछारों का सहारा लेना पड़ा, इसी तनाव पूर्ण माहौल के बीच एक महिला पत्रकार का पुलिसकर्मियों ने कैमरा छीन लिया था। पीड़िता पुलिसकर्मियों के सामने कैमरा वापस देने का गुहार लगाती रही, लेकिन उन्हें कैमरा नहीं दिया गया था, जिसे बाद में वसंतकुंज नॉर्थ थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। महिला पत्रकार से कैमरा छीनने की बात ने जोर पकड़ा तो कैमरा सरोजनी नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया और रविवार को कैमरा पत्रकार को लौटा दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमरा छीनने और उसे देरी से लौटाने के आरोप में दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर किया गया है। सस्पेंड होने वाले पुलिसकर्मियों की दलील है कि जब उन्होंने कैमरा लिया था तो उन्हें नहीं पता था कि वह पत्रकार है। इस कैमरे को कब्जे में लेने के बाद उन्होंने जेएनयू पहुंच उसके मालिक को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं मिला।

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महिला पत्रकार की शिकायत पर सरोजनी नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अभी यह साफ नहीं कि कैमरा किस सीनियर पुलिस अफसर के ऑर्डर पर छीना गया था।

पुलिस ने पहले इस पर सफाई देते हुए कहा था ‘पत्रकार बैरिकेड के गलत साइड खड़ी थी.’ जबकि इस आरोप को पत्रकार ने खारिज करते हुए कहा ‘तो हमारा कैमरा क्यों छीना गया?

वहीं इसके अलावा एक अन्य महिला पत्रकार ने शुक्रवार को लिखित शिकायत में जेएनयू प्रोटेस्ट के दैरान दिल्ली कैंट SHO के खिलाफ छेड़खानी का आरोप लगाया था। हालांकि अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पत्रकार का आरोप था कि दिल्ली के आईएनए पर जेएनयू विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली कैंट एसएचओ द्वारा छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले में महिला रिपोर्टर ने एसएचओ के खिलाफ दिल्ली के सरोजिनी नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, पहले तो एसएचओ ने महिला रिपोर्टर को हटाने की कोशिश की। जब उन्होंने कहा कि वे मीडिया से हैं तो वो चला गया। थोड़ी देर बाद फिर आकर उसने उनकी छाती पर हाथ मारते हुए धक्का दिया।

वहीं उनके साथ थाने गए एक अन्य रिपोर्टर के मुताबिक, पुलिस ने दबाब बनाने की पूरी कोशिश की कि शिकायत न की जाए। पुलिस अधिकारियों ने एसएचओ को बुलाया और रिपोर्टर से यह भी कहा कि उसे माफ कर दें।

दरअसल, इस घटना से कुछ दिन पहले अमर कॉलोनी इलाके में सीलिंग की कार्रवाई के दौरान भी पुलिसकर्मियों ने दो पत्रकारों के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें कैदी की तरह पकड़कर थाने ले जाया गया था। पुलिस के इस बर्बर रवैये से मीडियाकर्मियों में खासा रोष है। इसी विरोध के मद्देनजर गुस्साए पत्रकारों ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन भी किया था।  

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