बेटे ने पूरा कर दिखाया वरिष्‍ठ पत्रकार अशोक पाण्‍डेय का ये सपना

वरिष्‍ठ पत्रकार अशोक पाण्‍डेय के पुत्र राहुल रत्‍नम पाण्‍डेय ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है। मूलरूप से उन्नाव के रहने वाले गांधी ग्राम निवासी वरिष्ठ पत्रकार अशोक पाण्‍डेय और डॉ. रचना पांडेय के बेटे राहुल की सिविल सेवा परीक्षा में 103वीं रैंक आई है। यह उपलब्धि हासिल कर इंडियन रेलवे एकेडमी, बड़ौदा में ट्रेनिंग कर रहे राहुल ने अपने मां-बाप का सपना सच कर दिखाया है।

राहुल ने सेंट्रल स्कूल, ओएनजीसी देहरादून से इंटर की पढ़ाई पूरी की। आर्ट साइड से पढ़ाई कर रहे राहुल ने सीबीएसई में ऑल इंडिया स्तर पर 5वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय से क्लैट की पढ़ाई की। राहुल ने पिछले वर्ष भी सिविल की परीक्षा दी थी। तब रैंक थोड़ी पीछे होने के कारण रेलवे कैडर मिला था। राहुल की वर्तमान में ट्रेनिंग चल रही है। अशोक और रचना की इच्छा बेटे को आईएएस बनता देखने की थी। मां-बाप की इच्छा को देख राहुल ने हार नहीं मानी और इस बार फिर परीक्षा दी और आखिर 103वीं रैंक हासिल कर सपना सच कर दिया

वहीं, उनके पिता अशोक पाण्‍डेय ने अपने पत्रकारिता कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1984 में दैनिक जागरण, कानपुर से की थी। यहां करीब दो साल तक काम करने के बाद उन्‍होंने वर्ष 1986 में ‘दैनिक आज’ का दामन थाम लिया और 1993 तक इसके आगरा, कानपुर व लखनऊ संस्‍करण में मुख्‍य उपसंपादक के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 1994 में उन्‍होंने फिर दैनिक जागरण जॉइन कर लिया और मेरठ व देहरादून संस्‍करणों में बतौर समाचार संपादक काम किया। 1988 से 1999 तक करीब एक साल वे ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ मुंबई में बिजनेस रिपोर्टर भी रहे। इसके अलावा 2000 से 2003 तक वह दैनिक जागरण देहरादून में समाचार संपादक भी रहे। यहां से छोड़कर वर्ष 2004 में उन्‍होंने ‘दैनिक भास्‍कर’ जॉइन कर लिया और इसके अजमेर व हिसार संस्‍करण के स्‍थानीय संपादक रहे। 2006 से 2009 तक करीब तीन साल ‘अमर उजाला’ लखनऊ में स्‍थानीय संपादक भी रहे। इसके उन्‍होंने ‘हिन्‍दुस्‍तान’ अखबार जॉइन किया और वर्ष 2009 से 2011 तक झारखंड में वरिष्‍ठ स्‍थानीय संपादक के तौर पर काम किया।

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बाद में यहां से छोड़कर उन्‍होंने 2012 से 2013 तक हिन्‍दी न्‍यूज चैनल ‘नेटवर्क 10’ में एग्जिक्‍यूटिव एडिटर के बतौर काम किया। यही नहीं, अशोक पाण्‍डेय अयोध्‍या में दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा के विध्‍वंस मामले में सटीक आकलन करने वाले पत्रकार हैं।

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