उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अभिषेक प्रकाश की नौकरी हमेशा के लिए जानी तय
किसी IAS अफसर को बर्खास्त करना इतना आसान नहीं होता है। IAS को बर्खास्त करने से पहले उसके निलंबन की पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाती है। केंद्र सरकार निलंबन से संतुष्ट हो जाए उसके बाद बर्खास्त की कार्रवाई शुरू होती है।
उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश की नौकरी हमेशा के लिए जाने वाली है। उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक जिस प्रकार की कार्रवाई हो रही है उससे साफ जाहिर है कि IAS अभिषेक प्रकाश को जल्द ही बर्खास्त किया जाएगा। किसी IAS अफसर को बर्खास्त करना इतना आसान नहीं होता है। IAS को बर्खास्त करने से पहले उसके निलंबन की पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाती है। केंद्र सरकार निलंबन से संतुष्ट हो जाए उसके बाद बर्खास्त की कार्रवाई शुरू होती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ठान ली है अभिषेक प्रकाश की बर्खास्तगी
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह बड़ा संदेश देना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह संदेश देने के लिए उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अफसर अभिषेक प्रकाश का बर्खास्त होना जरूरी है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश का नियुक्ति विभाग अभिषेक प्रकाश के मामले में पूरी तेजी के साथ काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश के नियुक्ति विभाग ने IAS अभिषेक प्रकाश को निलंबित करने की पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास भेज दी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई निलंबन की रिपोर्ट 36 पेज की है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र के पास भेजी अभिषेक प्रकाश की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार ने चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश की पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास भेज दी है। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) को भेजी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को निलंबित किए जाने का कारणों का विस्तार से ब्योरा दिया गया है।
आपको बता दें कि सोलर कंपनी से सब्सिडी के एवज में घूस मांगने के आरोप में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश को 20 मार्च को निलंबित कर दिया गया था। उससे पहले 2021 में लखनऊ के भटगांव में जमीन अधिग्रहण घोटाले के मामले में भी वे जिम्मेदार ठहराए गए हैं। डिफेंस कॉरिडोर के लिए भटगांव की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसमें सारे नियम-कायदों को ताक में रखकर फर्जी ढंग से नौकरशाहों और राजनेताओं के नजदीकियों को फायदा पहुंचाया गया।
अनेक आरोप हैं उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अभिषेक प्रकाश पर
उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पर अनेक बड़े आरोप हैं। इस अधिकारी ने भटगांव में जिनकी जमीन नहीं थी, फर्जी पट्टे के आधार पर उन्हें पहले मालिकाना हक दिया गया, फिर उस जमीन को नजदीकियों के नाम कराया गया। हालांकि, भटगांव के जमीन अधिग्रहण के प्रकरणों में उन लोगों की जांच होना भी जरूरी है, जिन्होंने फर्जी पट्टेदारों से अपने नाम जमीन करवाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़पा। इनमें से कुछ बिचौलिये खरीदारों के संबंध सत्ताधारी दल के एक एमएलसी से भी बताए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इन बिचौलिये खरीदारों की भी जांच हो जाए तो घपलों से संबंधित और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
नियुक्ति विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, भटगांव के मामले में भी अभिषेक प्रकाश को आरोपपत्र दिए जा चुके हैं। साथ ही उन पर हुई निलंबन की विस्तृत सूचना भी DOPT को भेजी गई है। मामले में एक माह के भीतर जो भी स्थिति होगी, उसे भी DOPT को भेजा जाएगा। उसके बाद भी निलंबन जारी रहने पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय विभाग को भेजेगी।
