यूपी की ब्यूरोक्रेसी में नये APC की तलाश !
इसके अलावा शासन में लंबे समय से एक ही विभाग में तैनात अफसरों को भी बदला जाएगा. इसके लिए नियुक्ति विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है.
शीर्ष पद के लिए ’89 व ’90 बैच के अफसर दावेदार !
यूपी की ब्यूरोक्रेसी में अप्रैल अंत तक कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते है. वजह, यूपी सरकार के वरिष्ठ अफसरों का रिटायरमेंट है. शासन के बड़े चेहरों के साथ-साथ कई डीएम भी बदले जाएंगे. वहीं, जूनियर अधिकारियों में 2016 बैच के IAS को डीएम के रूप में तैनाती मिल सकती है.
मुख्य सचिव के बाद कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) के पद को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. मौजूदा APC मोनिका एस गर्ग इस महीने रिटायर हो रही है. ऐसे में इस कुर्सी के लिए अभी से दावेदारी की चर्चा है. माना जाता है कि APC और आईआईडीसी की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति मुख्य सचिव के पद का सबसे बड़ा दावेदार होता है. यही वजह है कि APC बनने की रेस में 1989 और 1990 बैच के दो अफसर सबसे आगे है. 1989 बैच के एसपी गोयल मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के बाद प्रदेश में तैनात दूसरे सबसे सीनियर अधिकारी है. वहीं, 1989 बैच के देवेश चतुर्वेदी फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर है और इसी बैच के अनिल कुमार राजस्व परिषद के अध्यक्ष पद पर तैनात हैं. 1990 बैच से दावेदारों में हिमांशु कुमार है, लेकिन उनका रिटायरमेंट भी इस साल अक्टूबर में है.
1990 बैच में APC की कुर्सी के लिए सबसे प्रबल दावेदार दीपक कुमार है, क्योंकि उनका रिटायरमेंट अक्टूबर, 2026 में है. इसी बैच के जितेंद्र कुमार और सुधीर एम बोवड़े का रिटायरमेंट भी इसी साल है. 1990 बैच की अर्चना अग्रवाल एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में सदस्य सचिव के पद पर तैनात है. अर्चना अग्रवाल का रिटायरमेंट सितंबर, 2026 में है.
इसके अलावा शासन में लंबे समय से एक ही विभाग में तैनात अफसरों को भी बदला जाएगा. इसके लिए नियुक्ति विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है.
