Trending

“वयम वरेण्यम फाउंडेशन” के पदाधिकारी और स्वतंत्र पत्रकार पंकज सिंह के खिलाफ FIR

FIR का सबसे भयावह पहलू ये है कि पंकज सिंह ने स्वर्गीय हर्षवर्धन सिंह के परिजनों को सहायता के नाम पर, 5,40,000 की धनराशि देने का दावा किया मगर उन्हें कोई धनराशि नहीं दी गई।

कुटुंब की एकता के लिए बने उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित संगठन “वयम वरेण्यम फाउंडेशन” ने अपने ही पदाधिकारी पंकज सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराई।  समाज की भलाई के नाम पर आई लाखों की धनराशि के गबन व निजी उपयोग के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज! इस संगठन में क्षत्रिय समाज से जुड़ी सुविख्यात हस्तियां कुटुंब की भलाई और विकास से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करती आई हैं। इनमें पूर्व MLC ब्रजेश सिंह, MLA राकेश प्रताप सिंह, बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष MLC संतोष सिंह, बीजेपी MLA पंकज सिंह जैसी शख्सियतें शामिल हैं। ‘वयम वरेण्यम फाउंडेशन’ के छह ट्रस्टियों ने इसके खातों को संचालित करने वाले पंकज सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इन छह ट्रस्टियों के नाम डॉ आशीष प्रताप सिंह, रामविजय सिंह, बिजेंद्र कुमार सिंह, प्रवीन कुमार सिंह, रोहित सिंह, निखिलेश कुमार सिंह हैं। FIR बताती है कि समाजसेवा और दान के नाम पर पंकज सिंह ने, साल 2022 से अब तक प्राप्त हुई 55 लाख रुपए की धनराशि का कोई भी पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया। इतना ही नहीं, पंकज सिंह ने 31 अगस्त 2025 को ट्रस्ट के खाते से 5,90,000 की धनराशि को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। FIR के मुताबिक़ वह शौर्य महोत्सव के आयोजन के लिए एकत्र 5 लाख की नकद धनराशि को भी हड़प लिया है। FIR का सबसे भयावह पहलू ये है कि पंकज सिंह ने स्वर्गीय हर्षवर्धन सिंह के परिजनों को सहायता के नाम पर, 5,40,000 की धनराशि देने का दावा किया मगर उन्हें कोई धनराशि नहीं दी गई। FIR में इसे गंभीर आपराधिक विश्वासघात करार दिया गया है। पंकज सिंह ने हार्ड डिस्क, कंप्यूटर एवं अन्य महत्वूपूर्ण दस्तावेज भी अवैध रूप से हटा दिए। उसने करीब 50 लाख की धनराशि अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल में खर्च कर  ली। ट्रस्ट का ऑडिट भी नहीं कराया। मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्रीराम और देश के गौरव महाराणा प्रताप की महान विरासत को आगे ले जाने के नाम पर बने इस संगठन के भीतर घटे इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने समूचे समाज को दंग कर दिया है।

 

Loading...
loading...

Related Articles

Back to top button