सरकार का बड़ा कदम: OTT प्लेटफॉर्म्स को विज्ञापन सिस्टम में लाने की तैयारी
सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए फाइनेंशियल बिड्स खोले हैं, जिससे उन्हें सरकारी विज्ञापन ढांचे में शामिल किया जा सके। यह कदम डिजिटल मीडिया में बढ़ती पहुंच और प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स को अपने विज्ञापन ढांचे में शामिल करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए फाइनेंशियल बिड्स खोल दिए हैं। यह प्रक्रिया सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा संचालित की जा रही है।
यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, खासकर OTT, तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और युवा दर्शकों तक पहुंच का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। सरकार का उद्देश्य अब अपने जनसंपर्क अभियानों को टीवी, प्रिंट और डिजिटल के साथ-साथ OTT तक विस्तार देना है।
नई व्यवस्था के तहत एक रेट निर्धारण प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें सबसे कम बोली के आधार पर विज्ञापन दरें तय होंगी। ये दरें प्री-रोल वीडियो और होमपेज प्लेसमेंट जैसे विभिन्न विज्ञापन फॉर्मेट्स पर लागू होंगी, जिससे मूल्य निर्धारण में एकरूपता आएगी।
साथ ही प्लेटफॉर्म्स को कुछ तय मानकों का पालन करना होगा, जैसे वीडियो विज्ञापनों के लिए न्यूनतम व्यू-थ्रू रेट, थर्ड पार्टी मापन और ऑडिट के लिए विस्तृत रिपोर्टिंग। केवल वही OTT प्लेटफॉर्म्स इस प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे, जिनके पास अपने कंटेंट पर स्वामित्व या एक्सक्लूसिव अधिकार होंगे। यह कदम 2023 की डिजिटल विज्ञापन नीति के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इससे सरकार अपने संदेशों की पहुंच और प्रभाव दोनों को बेहतर बनाना चाहती है।

