देश विरोधी कंटेंट बनाया, सेना पर सवाल उठाया, पहलगाम आतंकी हमले पर गढ़ी कॉन्सिपिरेसी थ्योरी: 4PM को क्यों ब्लॉक किया- केंद्र ने दिल्ली HC को बताया
हलफनामे में यह भी कहा गया कि चैनल की सामग्री में लगातार भारत विरोधी, सैन्य विरोधी और विदेश नीतियों के विरोध में सामग्री को दिखाया गया। केंद्र ने बताया कि ये चैनल पश्चिमी एशिया में चल रहे विवाद, सीमा तनाव, पहलगाम आतंकी हमला, मणिपुर हिंसा और भारत ट्रेड पॉलिसी के खिलाफ लोगों को भ्रमित कर रहा था। सरकार ने ऐसे कृत्यों को ‘डिजिटल लॉबिंग’ का उदाहरण बताते हुए कहा गया कि यह प्लेटफॉर्म एक ‘डिजिटल इको चैंबर’ की तरह काम करते हैं, जहाँ एक ही प्रकार की विचारधारा ऐसे पेश किया जाता है कि उससे दर्शकों का मत प्रभावित हो सके।
भारत विरोधी कंटेंट बनाने और पहलगाम आतंकी हमले पर मनगढ़ंत कॉन्सिपिरेसी थ्योरी फैलाने के आरोप में डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 4PM के यूट्यूब चैनल को ब्लॉक कर दिया गया है। यह जानकारी खुद केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को दी है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने बताया कि चैनल पर प्रसारित वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारतीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए और भारत की सैन्य कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह जताया गया। सरकार ने अदालत में दायर अपने हलफनामे में कहा कि 4PM ने अपनी वीडियोज में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा दिया और कश्मीर व मणिपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया।
'4 PM' YouTube Channel Blocked To Curb Anti-India Narratives: Centre Tells Delhi High Court
Centre said @4pmnews_network misled public on West Asia conflict, J&K border security, Pahalgam attack, Manipur violence and India's trade policy.@MIB_India https://t.co/voEWHAKWsD
— Live Law (@LiveLawIndia) April 21, 2026
हलफनामे में यह भी कहा गया कि चैनल की सामग्री में लगातार भारत विरोधी, सैन्य विरोधी और विदेश नीतियों के विरोध में सामग्री को दिखाया गया। केंद्र ने बताया कि ये चैनल पश्चिमी एशिया में चल रहे विवाद, सीमा तनाव, पहलगाम आतंकी हमला, मणिपुर हिंसा और भारत ट्रेड पॉलिसी के खिलाफ लोगों को भ्रमित कर रहा था।
सरकार ने ऐसे कृत्यों को ‘डिजिटल लॉबिंग’ का उदाहरण बताते हुए कहा गया कि यह प्लेटफॉर्म एक ‘डिजिटल इको चैंबर’ की तरह काम करते हैं, जहाँ एक ही प्रकार की विचारधारा ऐसे पेश किया जाता है कि उससे दर्शकों का मत प्रभावित हो सके।
केंद्र ने हलफनामे में इस बात पर भी चिंता जताई कि यूट्यूब का AD रेवेन्यू मॉडल अपने आप में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। जैसे अगर किसी ‘भारत विरोधी’ वीडियो को जितने अधिक व्यूज मिलते हैं, निर्माता उतना ही अधिक पैसा कमाता है, जिससे ऐसी सामग्री फैलाने के लिए क्रिएटर उत्साहित होते हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की इस कार्रवाई को 4PM और उसके संपादक संजय शर्मा ने चुनौती दी है। उनका कहना है कि मार्च 2026 में उनके चैनल और 26 वीडियो को बिना किसी स्पष्ट आदेश या कारण के ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके चैनल के 8.4 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर थे।
वहीं, सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि उनके पास ऐसी ‘किसी भी सूचना’ को ब्लॉक करने का व्यापक अधिकार है। मामले की अगली सुनवाई न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की अदालत में होगी।



