प्रतीक यादव की मौत से उठा पर्दा : शरीर पर 6 चोटों के निशान, कुछ गंभीर
प्रतीक यादव की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 5 दिन में 6 चोटों की जिक्र है. इसमें से कुछ गंभीर हैं.
वहीं उनकी मौत का मुख्य कारण ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ यानी फेफड़े की मुख्य नस में बड़ा खून का थक्का जमने को बताया गया है. इस वजह से उनका दिल और सांस दोनों एक साथ काम करना बंद कर गए. इस अवस्था को डॉक्टर ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ कहते हैं.
प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनको पिछले 5 से 6 दिन में कई चोटें लगी हैं. तीन चोट पिछले 5 दिन में लगी हैं. जबकि तीन चोट पिछले एक ही दिन में लगी हैं.

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटें लगने का जिक्र. (ईटीवी भारत)
प्रतीक की मौत पर डॉक्टर पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, पिछले 5-6 दिनों में लगीं कई चोटें
प्रतीक यादव की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की नई जानकारियां सामने आई हैं.

प्रतीक यादव की मौत फेफड़े में खून का थक्का बनने से हुई. (ईटीवी भारत)
रिपोर्ट के मुताबिक मृतक के शरीर पर 6 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं. इनमें से तीन निशान पिछले 5 से 6 दिन के और तीन निशान एक दिन पुराने बताए जा रहे हैं.

प्रतीक यादव की मौत फेफड़े में खून का थक्का बनने से हुई.
इन चोटों के निशान इस मामले को और संदिग्ध बना रहे हैं. इससे पहले समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने प्रतीक यादव की मौत और उसके पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं.
डॉ. रुचिता शर्मा (ANI)
केजीएमयू में यह पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया, जिसमें प्रोफेसर डॉ. मौसमी सिंह, सीनियर रेजिडेंट डॉ. फातिमा हर्षा और जूनियर रेजिडेंट डॉ. हिमांशु पटेल शामिल थे.
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 3 चोटें 5 से 7 दिन पुरानी हैं और 3 चोटें मौत से सिर्फ 1 दिन पहले की हैं.
सबसे बड़ी चोट 19×12 सेमी की दाहिने हाथ पर और 24×8 सेमी की कलाई से कोहनी तक मिली है.

अपर्णा यादव के घर पहुंचे सीएम योगी ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सारांश: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार प्रतीक यादव के शरीर पर कुल 6 चोटें पाई गईं. सभी चोटें नील के निशान जैसी थीं और शरीर के अंदर खून जमा था.
चोटों को समय के हिसाब से 2 भागों में बांटा गया है.
चोट नं. 1: सीने पर दाहिने निप्पल के ठीक नीचे 14 सेमी गुणे 7 सेमी का नील निशान. बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला. काफी बड़ी चोट है.
चोट नं. 2 दाहिने हाथ के बगल के पास 19 सेमी गुणे 12 सेमी का नील निशान. यह सबसे बड़ी चोट थी. बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला.
चोट 3 दाहिने हाथ की कलाई से कोहनी तक फैला 24 सेमी x 8 सेमी का लंबा नील निशान. बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला.
नई चोटें – लगभग 1 दिन पुरानी, ये चोटें अपेक्षाकृत छोटी थीं.
चोट नं. 4 दाहिने हाथ की कोहनी से 15 सेमी नीचे 6 सेमी x 4 सेमी का लाल नील निशान.
चोट नं. 5 : दाहिनी कोहनी के पीछे 12 सेमी गुणे 6 सेमी का लाल नील निशान.
चोट 6: बाएं हाथ की कलाई पर 3 सेमी गुणे 2 सेमी का छोटा लाल नील निशान. यह सबसे छोटी चोट थी. सभी चोटें मारपीट से लगने वाले नील के निशान हैं.

अपर्णा यादव के घर पहुंचे सीएम योगी ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की. (ईटीवी भारत)
चोट नं. 2 और 3 आकार में सबसे बड़ी और गंभीर हैं– रिपोर्ट के अनुसार चोट 1, 2, 3 मौत से 5-7 दिन पहले लगी थीं.
चोट 4, 5, 6 मौत से लगभग 1 दिन पहले लगी थीं.
मृत्यु का कारण फेफड़ों में खून का थक्का जमना बताया गया है.
क्या होता है पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म
सरल भाषा में समझें तो शरीर की किसी नस में खून का थक्का बन जाता है. यह थक्का खून के साथ बहकर फेफड़े तक पहुंच जाता है और वहां की मुख्य नस को बंद कर देता है. इससे फेफड़ों में खून और ऑक्सीजन जाना रुक जाता है. अचानक ऑक्सीजन न मिलने से दिल पर दबाव बढ़ता है और कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है. डॉक्टर इसे बहुत गंभीर और जानलेवा स्थिति मानते हैं.
प्रतीक यादव की बीमारी का पहले इलाज कर रही डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि उनको सांस में परेशानी होती थी. उन्हें फेफड़े की बीमारी थी.
रिपोर्ट में और क्या-क्या है
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने दिल और फेफड़े में मिले खून के थक्के को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है. हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच से पता चलेगा कि थक्का कितना पुराना था और कैसे बना.
साथ ही शरीर के अंदरूनी अंगों का सैंपल ‘विसरा’ भी केमिकल जांच के लिए सुरक्षित किया गया है. इसे विसरा नंबर 752/2026 के तहत संबंधित पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया है. विसरा जांच से यह पता चलता है कि शरीर में कोई जहर या नशीला पदार्थ तो नहीं था.
चोटों के बारे में जानकारी
रिपोर्ट में साफ लिखा है कि शरीर पर जो भी चोटें मिली हैं, वे ‘एंटीमॉर्टम’ हैं. यानी ये सभी चोटें मौत से पहले लगी थीं. मौत के बाद कोई चोट नहीं लगी है.
फिलहाल पुलिस विसरा और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. इन दोनों रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के पीछे की पूरी वजह साफ हो पाएगी.
बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का आज तड़के उनके घर में निधन हो गया. वो मात्र 38 साल के थे. प्रतीक यादव के विक्रमादित्य आवास स्थित घर से सुबह 6 बजे उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर देवेश चंद्रा ने बताया कि उनको यहां जब लाया गया, तो उनकी मौत हो चुकी थी. प्रतीक यादव के शव को पंचनामा के बाद KGMU में उनका पोस्टमॉर्टम हुआ. प्रतीक का शव घर भेज दिया गया है. प्रतीक की पत्नी अपर्णा भी लखनऊ पहुंच गई हैं. वहां पर सपा मुखिया अखिलेश यादव, उनके चाचा शिवपाल यादव समेत तमाम नेता पहुंचे हुए हैं.

