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नासमझी में या फिर जानबूझकर योगी आदित्यनाथ और राजा भैया को ठाकुरों का नेता बता रहे मुकेश बहादुर !
जब मुकेश बहादुर ऐसा कहते हैं तो ऐसा लगता है कि वह अखिलेश यादव के द्वारा दी गई स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं अखिलेश यादव के द्वारा लगातार गढे जाने वाले उस नैरेटिव में मुकेश बहादुर घी डालने का काम कर रहे हैं जिसे अखिलेश यादव खुद नहीं साबित कर पाए तो अब मुकेश बहादुर जैसे लोगों के माध्यम से कर रहे हैं।
किसके इशारे पर योगी आदित्यनाथ व राजा भैया को क्षत्रिय नेता बता रहे मुकेश बहादुर!
पत्रकार ज़ीनत को खुद बुलाकर दिया इंटरव्यू !
कभी-कभी अधिक चापलूसी करने के चक्कर में व्यक्ति दूसरे का नुकसान कर देता है,लखनऊ में एक है मुकेश बहादुर सिंह जी बड़े ब्यूरोक्रेट बड़े राजनेता और सत्ता के गलियारे में देखे जाते रहते हैं बड़ी पार्टियां करने के लिए चर्चित है मुकेश बहादुर।
चौबीस कैरेट वाले ठाकुर मुकेश बहादुर स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की मृत्यु के बाद अपने आप को अपर्णा यादव का मुंह बोला भाई बताते हुए सबसे पहले अभिषेक उपाध्याय को इंटरव्यू देते हैं अभिषेक उपाध्याय उनके इंटरव्यू की बातों से तिल का ताड़ बनाने का प्रयास करते हैं हालांकि हमेशा की तरह अभिषेक उपाध्याय को मुंह की खानी पड़ती है। खूब चिल्लाने के बाद भी कोई मिर्च मसाला नहीं निकल पाता।
अभी कुछ दिनों पहले मैंने मुकेश बहादुर को जीनत जी के Podcast With Zeenat पर देखा जिसमें वह योगी आदित्यनाथ को ठाकुरों का सबसे बड़ा नेता बता रहे हैं।
और जिस राजा भैया के विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ 10 से 12 हजार राजपूत वोटर है उनको योगी आदित्यनाथ के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्षत्रियों का नेता बता रहे हैं।
जब मुकेश बहादुर ऐसा कहते हैं तो ऐसा लगता है कि वह अखिलेश यादव के द्वारा दी गई स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं अखिलेश यादव के द्वारा लगातार गढे जाने वाले उस नैरेटिव में मुकेश बहादुर घी डालने का काम कर रहे हैं जिसे अखिलेश यादव खुद नहीं साबित कर पाए तो अब मुकेश बहादुर जैसे लोगों के माध्यम से कर रहे हैं।
स्पष्ट है या तो मुकेश बहादुर जानबूझकर के ऐसा बोल रहे हैं
या फिर उनकी राजनीतिक समझ बिल्कुल निम्नतम स्तर की है।
ऐसी स्थिति में उन्हें योगी आदित्यनाथ और राजा भैया के बारे में प्रश्न पूछने पर चुप रहना चाहिए था।
यह भी हो सकता है की चापलूसी में मुकेश बहादुर बड़ी गलती कर गए हो।
क्या राजा भैया ठाकुरों के नेता हैं!
14 कोश यानी 42 किलोमीटर की परिधि में फैले हुए भदरी रियासत के राजकुमार है कुवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह विश्व हिंदू परिषद के मानद पदाधिकारी रहे, हिंदुत्व के लिए लगातार समर्पित है।
कश्मीरी पंडितों के ऊपर आपदा रही हो राम मंदिर आंदोलन के लिए आंदोलनकारियों की हर तरह की मदद हो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं विश्व हिंदू परिषद जैसे राष्ट्रवादी संगठन की हर संभव आर्थिक मदद राजा उदय प्रताप सिंह करते रहते है ।
प्रतापगढ़ ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश और देश में उनकी छवि हिंदुत्ववादी नेता के तौर पर स्थापित है इतने बड़े हिंदुत्ववादी की योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान एक बार उनको मोहर्रम के जुलूस के दौरान भंडारा करने पर नजर बंद कर दिया गया था।
राजा भैया के दादा बजरंग बहादुर सिंह आजादी की लड़ाई में शामिल रहे हिमाचल प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर रहे, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रहे और उन्होंने ही हिंद फ्लाइंग क्लब की स्थापना की जिस पर बाद में चलकर अमौसी एयरपोर्ट बना।
पांडवों की नगरी प्रतिष्ठानपुरी (प्रयागराज के झूंसी) में राजा भैया का एक महल है जिसे उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दान कर दिया है।
मैंने कभी राजा भैया से ठाकुरवाद की कोई बात नहीं सुनी वह सिर्फ सनातन और हिंदुत्व की बात करते हैं और खुलकर करते हैं अक्सर कई मैंने देखा है जब लोग व्यक्तिगत रूप से भी राजा भैया से क्षत्रिय ठाकुर व राजपूताना की बात करते हैं तो वह कन्नी काटते हुए दिखते हैं और सर्व समाज के साथ-साथ हिंदुत्व की बात करने की सलाह देते हैं।
निश्चित रूप से राजनीति का बड़ा चेहरा होने के कारण क्षत्रिय कुल में जन्म लेने के कारण राजपूत समाज के लोग राजा भैया को अपना नेता मानते हैं उनका सम्मान करते हैं और उनके लिए हर कीमत अदा करने को तैयार रहते है लेकिन ऐसी संख्या केवल क्षत्रियों की नहीं है हर समाज के लोग राजा भैया को पसंद करते हैं।
राजा भैया उत्तर प्रदेश की राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष है जिन्हें किसी जाति या क्षेत्र के बंधन में नहीं बांधा जा सकता उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कैबिनेट मंत्री ही नहीं उनके किसी उपमुख्यमंत्री के जनता दरबार में उतनी भीड़ नहीं लगती जितनी भीड़ सिर्फ विधायक होने के बावजूद राजा भैया के दरबार में लगती है।
योगी आदित्यनाथ ठाकुरों के नेता कहना अज्ञानता की पराकाष्ठा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जब नाम लिया जाता है तो लोगों के मन-मस्तिष्क पर भगवा वस्त्र पहने हुए एक संत की काया दिखती है जो इस देश का हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा है। योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय की अत्यंत महत्वपूर्ण पीठ गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं।
नाथ पंथ में आने के बाद व्यक्ति की कोई जाति नहीं रह जाती व्यक्ति सिर्फ और सिर्फ नाथ का होकर के रह जाता है। रामविलास वेदांती जी के शब्दों में कहा जाए तो भारत में हिंदुत्व की सबसे बड़ी पीठ गोरखनाथ पीठ है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक समरसता के लिए जानी जाती है।योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के द्वारा सामाजिक समरसता के लिए संघर्ष का ही परिणाम ही था कि राम मंदिर आंदोलन में हर जाति के लोग शामिल हुए और राम मंदिर निर्माण का मार्ग तब प्रशस्त हुआ जब योगी आदित्यनाथ स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।इस तरह की परिस्थितियों के स्पष्ट रूप से परिलक्षित होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति राजा भैया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को क्षत्रियों का नेता बताता है तो या तो वह अव्वल दर्जे का मूर्ख है या तो वह जानबूझकर के अखिलेश यादव के इशारे पर काम कर रहा है ऐसे लोग क्षत्रिय समाज के हित चिंतक कतई नहीं हो सकते।
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पत्रकार ज़ीनत को खुद बुलाकर दिया इंटरव्यू !
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जब नाम लिया जाता है तो लोगों के मन-मस्तिष्क पर भगवा वस्त्र पहने हुए एक संत की काया दिखती है जो इस देश का हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा है। 


