OpenAI पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ समेत कई अखबारों का बड़ा आरोप, कोर्ट से कार्रवाई की मांग

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स', 'न्यूयॉर्क डेली न्यूज' समेत कई समाचार संस्थानों ने OpenAI के खिलाफ संघीय अदालत में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (The New York Times), ‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ (New York Daily News) समेत कई समाचार संस्थानों ने OpenAI के खिलाफ संघीय अदालत में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अखबारों का आरोप है कि OpenAI ने अदालत को यह कहकर गुमराह किया कि वह अपने AI सिस्टम में मौजूद कॉपीराइट वाले समाचारों को खोज नहीं सकता, जबकि कंपनी पहले ही ऐसा कर चुकी थी।

मैनहैटन की संघीय अदालत में गुरुवार को दाखिल याचिका में समाचार संस्थानों ने कहा कि OpenAI ने गलत दावा किया था कि वह अपने बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) और ट्रेनिंग डेटासेट में उनके लेखों की प्रतियां खोजने में सक्षम नहीं है। जबकि पहला मुकदमा दायर होने से पहले ही कंपनी कई बार ऐसी खोज कर चुकी थी।

अखबारों ने यह भी आरोप लगाया कि OpenAI ने ChatGPT की अरबों बातचीत (Chat Logs) को या तो हटा दिया या फिर उन्हें इस तरह बदल दिया कि उनकी खोज संभव न रहे। उनका कहना है कि इससे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अदालत से OpenAI पर जुर्माना लगाने, कानूनी खर्च दिलाने और यह मानने की मांग की है कि ChatGPT के रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण हैं कि कंपनी ने उनके कॉपीराइट वाले समाचारों का इस्तेमाल किया।

याचिका में कहा गया है कि यह पूरा विवाद कॉपीराइट सामग्री की नकल (Copying) से जुड़ा है। समाचार संस्थानों का दावा है कि उनके लेखों के इस्तेमाल के सबूत OpenAI के ट्रेनिंग डेटासेट और ChatGPT के आउटपुट लॉग में मौजूद हैं।

अखबारों का यह भी आरोप है कि OpenAI के रवैये की वजह से मामले की सुनवाई में देरी हुई और उन्हें यह समझने का पूरा मौका नहीं मिला कि कंपनी किस हद तक उनके समाचारों को स्क्रैप करती है, AI मॉडल को ट्रेन करती है और फिर उसी सामग्री का आउटपुट देती है।

याचिका के मुताबिक, OpenAI ने 2024 में अदालत से कहा था कि उसके पास अपने ट्रेनिंग डेटासेट को प्रभावी ढंग से खोजने का कोई टूल नहीं है। इसके बाद 2025 में कंपनी ने यह भी कहा कि ChatGPT के बड़े पैमाने पर मौजूद आउटपुट लॉग में खोज करने की कोई व्यवस्था उसके सिस्टम में नहीं है और ऐसा सिस्टम बनाना काफी मुश्किल होगा।

हालांकि, अखबारों का कहना है कि बाद में OpenAI के एक कर्मचारी ने गवाही में स्वीकार किया कि कंपनी ने समाचार संस्थानों की सामग्री को लेकर कई बार खोज की थी। उनका कहना है कि यह बयान OpenAI के पहले दिए गए दावों के बिल्कुल विपरीत है।

वहीं OpenAI ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी (Drew Pusateri) ने रॉयटर्स से कहा कि जैसे-जैसे न्यूयॉर्क टाइम्स का मामला कमजोर पड़ रहा है और उसे अपने कुछ दावे वापस लेने पड़े हैं, वैसे-वैसे वह ऐसे झूठे आरोप लगाकर उन लोगों की निजता में दखल देने की कोशिश कर रहा है जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले महीने द न्यूयॉर्क टाइम्स ने संशोधित शिकायत में OpenAI के खिलाफ लगाया गया एक अतिरिक्त कॉपीराइट उल्लंघन का दावा वापस ले लिया था।

यह मुकदमा सबसे पहले वर्ष 2023 में दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि OpenAI और उसके सबसे बड़े वित्तीय साझेदार Microsoft ने ChatGPT के AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बिना अनुमति लाखों समाचार लेखों का इस्तेमाल किया।

यह मामला उन कई कॉपीराइट मुकदमों में से एक है, जो लेखकों, प्रकाशकों, कलाकारों और संगीत कंपनियों ने OpenAI, Anthropic और Meta जैसी AI कंपनियों के खिलाफ दायर किए हैं। इन सभी मामलों में आरोप है कि AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्य वकील इयान क्रॉस्बी (Ian Crosby) ने आरोप लगाया कि OpenAI ने पूरे मामले के दौरान अपनी क्षमताओं के बारे में गलत जानकारी दी। वहीं न्यूयॉर्क डेली न्यूज के वकील स्टीवन लीबरमैन (Steven Lieberman) ने कहा कि अदालत से की गई यह मांग OpenAI को उन सबूतों को छिपाने और नष्ट करने के लिए दंडित करने के उद्देश्य से की गई है, जिनसे यह पता चल सकता है कि ChatGPT को कथित तौर पर चोरी की गई पत्रकारिता सामग्री से प्रशिक्षित किया गया।

OpenAI पहले भी यह दलील दे चुका है कि ChatGPT की बातचीत के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से उसके उपयोगकर्ताओं की निजता प्रभावित हो सकती है।

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