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फर्जी कॉल सेंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, 9 पुलिसकर्मियों पर एक्शन, 3 सस्पेंड, 6 लाइन हाजिर

डीसीपी क्राइम किरण यादव के अनुसार, साइबर अपराध के इस मामले में पुलिस ने अब तक 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य अहम डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी के साथ मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है. कोलकाता से तीन और गुजरात से एक अन्य महत्वपूर्ण आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है.

राजधानी स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे के बाद अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. इस मामले की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर सामने आए तथ्यों के बाद 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. इनमें तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, जबकि छह को लाइन हाजिर किया गया है. ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टी की है.

डीसीपी क्राइम किरण यादव के अनुसार, साइबर अपराध के इस मामले में पुलिस ने अब तक 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य अहम डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी के साथ मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है. कोलकाता से तीन और गुजरात से एक अन्य महत्वपूर्ण आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कार्रवाई की समय-समय पर समीक्षा की गई. इसी दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई. जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका और निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन से जुड़े तथ्य सामने आने पर तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और छह को लाइन हाजिर किया गया है.

पैसे लेकर छोड़ने के आरोप की भी होगी जांच

जानकारी के अनुसार, पूरे मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया गया था. हालांकि, यह आरोप अभी जांच का विषय है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. पुलिस की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि साइबर अपराध से जुड़े पूरे नेटवर्क और उसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. यदि किसी व्यक्ति की भूमिका प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

क्राइम ब्रांच एडीसीपी किरण यादव के मुताबिक, साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना और अपराध से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है.

बता दें कि कमिश्नरेट पुलिस ने बीते 1 जुलाई को साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की ज्वाइंट टीम ने समिट बिल्डिंग में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करके भंडाफोड़ किया था, जहां पुलिस ने मौके से 119 लोगों को गिरफ्तार भी किया था, जिनके पास से 103 लैपटॉप, 177 मोबाइल फोन, 116 हेडफोन, इंटरनेट राउटर, बायोमेट्रिक मशीन, प्रतिबंधित Eyebeam Dialer, इंटरनेट आधारित कॉलिंग सिस्टम, विदेशी नागरिकों का डेटा, फर्जी सरकारी दस्तावेज, नकली कोर्ट ऑर्डर और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे.ये आरोपी यहां से विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे.

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