विधानसभा कैंटीन से धक्के मारकर खदेड़े गए पत्रकार, अफसरों ने उड़ाई हंसी, पत्रकारों के हाथ से छीन ली गई खाने की प्लेटें

विधानसभा में कुछ मंत्रियों के इशारे पर पत्रकारों के साथ इस दशक का सबसे बुरा बर्ताव हुआ। विधानसभा में पत्रकारों के हाथों से भोजन की थालियां छिनवा ली गई और आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ पत्रकारों जिसमें महिलाएं भी शामिल थी। पत्रकारों के हाथ पकड़कर उद्दंडता पूर्वक विधानसभा रक्षकों व मार्शलों ने हाथ से थाली छिनकर सभी पत्रकारों को कैंटीन से बाहर खदेड़ दिया।

पत्रकारों के साथ इस तरह का बर्ताव करते हुए नियम कानून का हवाला देते हुए धक्के मार-मारकर कैंटीन से बाहर खदेड़ा गया और जमकर अभद्रता की गई, जिसको लेकर एक तरफ तो पत्रकारों में काफी रोष है तो वहीं दूसरी तरफ वहां मैजूद अधिकारी पत्रकारों की इस दूर्दशा पर हंसते रहे। नाराज़ पत्रकारों ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का घेराव किया। बताया जाता है कि इधर कई दिनों से विधानसभा की हो रही रिपोर्टिंग से अफसर और मार्शल नाराज थे। फिलहाल मामला विधानसभा अध्य्क्ष तक पहुंच चुका है।

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दशकों से सत्र के दौरान ये व्यवस्था रही है कि जब भी विभागीय बजट पेश होते है सदन के सदस्यों व पत्रकार को सरकार की ओर से भोजन की व्यवस्था होती है…लेकिन आज बजट के बाद जब कैंटीन में पत्रकार भोजन के लिये गये तो विधानसभा के मार्शलों ने उन्हें खाना खाने से रोका…चूँकि खाने पर रोक की कोई पूर्व सूचना नही थी। इसलिये कई पत्रकारों ने प्लेटे उठा ली थी। उनसे प्लेटें तक छीन ली गई..हलांकि बाद में घटना की जानकारी होने पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना  आये उन्होंने खेद प्रकट किया। लेकिन इस घटना से अपमानित सभी पत्रकारों ने भोजन करने से इंकार कर दिया..

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