वाकई ये मामला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर कर रहा है: संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री

केंद्र सरकार ने आज स्वीकार किया कि मीडिया संस्थानों में पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी और मजीठिया वेतनबोर्ड के क्रियान्वयन का मामला वाकई में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर कर रहा है, जिसके समाधान के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने दिल्ली स्थित अपने निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बात कही।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट और दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन व संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सांसद धर्मेन्द्र कश्यप भी मौजूद थे।

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कार्यक्रम में देश के जाने-माने पत्रकारों ने मंत्रियों को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के कामकाज की दशाओं की जानकारी दी। वयोवृद्ध पत्रकार और एनयूजे आई के संस्थापक सदस्य राजेन्द्र प्रभु, के.एन. गुप्ता, विजय क्रांति ने कहा कि ठेके पर नौकरी के चलन ने पत्रकारों व पत्रकारिता को कमजोर कर दिया है। पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा नहीं है और उनका जीवन अनिश्चितता से भरा है। सरकार को इन विसंगतियों को दूर करने के लिए कुछ करना चाहिए। महिला पत्रकारों ने भी अपनी दिक्कतों से उन्हें अवगत कराया।

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