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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की जन संदेश टाइम्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख़्त कार्रवाई

ईपीएफओ के अनुसार जन संदेश टाइम्स प्राइवेट लिमिटेड (Jan Sandesh Times Pvt Ltd), जिसका कार्यालय C-28/121, प्रथम तल, टेलियाबाग, वाराणसी में है, पर कर्मचारियों का भविष्य निधि बकाया लंबे समय से लंबित है।............................................

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी ने जन संदेश टाइम्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करते हुए उसके बैंक खाते से भुगतान रोकने का आदेश जारी किया है। यह आदेश ईपीएफओ के रिकवरी ऑफिसर द्वारा दिनांक 12 अगस्त 2025 को पारित किया गया।

मामला क्या है?

ईपीएफओ के अनुसार जन संदेश टाइम्स प्राइवेट लिमिटेड (Jan Sandesh Times Pvt Ltd), जिसका कार्यालय C-28/121, प्रथम तल, टेलियाबाग, वाराणसी में है, पर कर्मचारियों का भविष्य निधि बकाया लंबे समय से लंबित है।

प्रमाणपत्र संख्या: 1420630 (जारी 15 जुलाई 2025)

  • बकाया राशि: ₹4,65,137.00
  • खर्च व शुल्क: ₹550.00
  • कुल वसूली योग्य राशि: ₹4,65,687.00

बैंक खाते पर प्रतिबंध

रिकवरी ऑफिसर ने बैंक ऑफ इंडिया, सोनारपुरा शाखा (खाता संख्या 690220110000366, IFSC BKID0006902) को आदेश जारी किया है कि वे कंपनी से संबंधित किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। आदेश के मुताबिक, बैंक को निर्देशित किया गया है कि उक्त राशि का डिमांड ड्राफ्ट बनाकर क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, वाराणसी के पक्ष में 10 दिनों के भीतर जमा करें।

आदेश में क्या कहा गया?

रिकवरी ऑफिसर ने अपने आदेश में कहा है कि—

  1. जब तक आगे का आदेश नहीं आ जाता, जन संदेश टाइम्स प्रा. लि. को किसी प्रकार का भुगतान न किया जाए।
  2. यदि बैंक आदेश का पालन नहीं करता है तो उसे डिफॉल्टर नियोक्ता मानते हुए राशि की वसूली सीधे बैंक से की जाएगी।
  3. यदि संस्था का कोई बैंक खाता नहीं है, तो बैंक को शपथपत्र देकर इसकी सूचना देनी होगी। गलत जानकारी देने पर बैंक स्वयं जिम्मेदार होगा।

यह कार्रवाई कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 की धारा 8F(3)(x) एवं धारा 88 के अंतर्गत की गई है। इसमें स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी संस्था द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तो उसके देनदार (इस मामले में बैंक) को नोटिस देकर वसूली की जा सकती है।

यदि निर्धारित समय सीमा में ₹4,65,687 की राशि जमा नहीं की जाती है, तो ईपीएफओ बैंक को ही डिफॉल्टर घोषित कर आगे की वसूली कार्रवाई करेगा।

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