7 IAS-IPS जिन्होंने किया सुसाइड, किसी ने रिवॉल्वर से खत्म की जिंदगी तो किसी ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
हरियाणा कैडर के एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या कर ली। पिछले 10 सालों में कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों ने भी तनाव और बीमारी से तंग आकर जान दी है। यह बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय बनी हुई है। आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास, आईएएस मुकेश पांडेय जैसे दमदार अधिकारी ने भी जान दे दी थी।
हरियाणा कैडर के वर्ष 2001 बैच के आइपीएस अधिकारी और एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित निवास पर आत्महत्या कर ली। चंडीगढ़ पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है। IPS पूरन ने खुद की सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी है। हालांकि, कोई सुसाइड नोट भी अभी बरामद नहीं हुआ है। बता दें कि पिछले 10 साल में कई आईएएस-आईपीएस ने जिंदगी से तंग आकर सुसाइड कर ली है। यह आंकड़ा अब तेजी से बढ़ता जा रहा है। तो चलिए आज हम आपलोगों को बताते हैं वैसे 7 IAS-IPS के बारे में जिन्होंने सुसाइड कर पुलिस और प्रशासनिक विभाग में हड़कंप मचा दिया।
आईपीएस सुरेंद्र
उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार दास ने साल 2018 में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। आईपीएस ने आत्महत्या करने के तरीके गूगल पर खोजे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सल्फास पाउडर खा लिया था। उन्होंने यह पाउडर अपने घरेलू सहायक से लाने को कहा था। जहर की वजह से ब्रेन,लीवर और किडनी डैमेज हो गया था और बांए पैर में खून के थक्के जम गए थे। 5 सितंबर को जहर खाया था और 9 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। आरोप के मुताबिक पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
एटीएस चीफ हिमांशु राय
11 मई, 2018 को महाराष्ट्र के पूर्व एटीएस चीफ हिमांशु राय ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को खुदकुशी की वजह बताई थी। 55 साल के हिमांशु को कैंसर था। बीमारी तेजी से फैलती जा रही थी, जिसकी वजह से वे डिप्रेशन में चले गए थे और परेशान रहने लगे थे। हिमांशु को बॉडी बिल्डिंग का बेहद शौक था।
आईपीएस राहुल शर्मा ने खत्म कर ली थी जिंदगी
आईपीएस राहुल शर्मा ने ऑफिसर्स मेस के बाथरूम में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। 2002 बैच के आईपीएस रहे राहुल कोलकाता के निवासी थे। वे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डीएसपी पद पर थे। राहुल यूनिवर्सिटी टॉपर थे।
आईएएस अधिकारी संजीव दुबे
29 दिसंबर, 2016 को यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव दुबे ने पंखे से लटकर खुदकुशी कर ली थी। संजीव दुबे 1987 बैच के आईएएस अधिकारी थे और होमगार्ड विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त थे। उन्होंने सुसाइड नोट में किसी गंभीर बीमारी को आत्महत्या की वजह बताई थी।
आईएएस ऑफिसर मुकेश पांडेय
10 अगस्त, 2017 को आईएएस अधिकारी मुकेश पांडेय ने यूपी के गाजियाबाद में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। खुदकुशी की वजह पत्नी से कलह बताई गई थी। वे बिहार के बक्सर में डीएम थे। 2012 बैच के आईएएस मुकेश ने मौत से पहले बनाए एक वीडियो में कहा था- शादी के बाद से ही जीवन में उथल-पुथल चल रहा है। मैं इस जीवन से तंग आ चुका हूं। वो (पत्नी) बहुत ही एग्रेसिव और एक्स्ट्रोवर्ट हैं।
आईएएस ऑफिसर हरमिंदर राज सिंह ने कर ली थी आत्महत्या
30 नवंबर, 2009 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरमिंदर राज सिंह ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। 1978 बैच के हरमिंदर यूपी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (हाउसिंग) थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल के दौरान चर्चा में आए थे और उनके कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े थे। जानकारों के मुताबिक, हरमिंदर ने प्रशासनिक प्रेशर के चलते सुसाइड कर ली थी।


