Trending

संजय प्रसाद समेत आठ आईएएस प्रोन्नत, बनाए गए अपर मुख्य सचिव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल समेत आठ अफसरों को प्रोन्नत कर अपर मुख्य सचिव बना दिया गया है।

योगी के करीबी अफसर संजय प्रसाद समेत आठ आईएएस प्रोन्नत, बनाए गए अपर मुख्य सचिवयूपी में राज्य सरकार ने वर्ष 1995 बैच के आईएएस व मुख्यमंत्री के करीबी अफसर प्रमुख सचिव संजय प्रसाद समेत आठ अफसरों को अपर मुख्य सचिव के पद पर पदोन्नति दी है। यूपी में तैनात पांच आईएएस को मिली पदोन्नति प्रभावी हो गई है और केंद्र में तैनात तीन को प्रोफार्मा दी गई है। उनके यूपी आने की तिथि से यह पदोन्नति प्रभावी मानी जाएगी।

इसके मुताबिक मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल, प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति व धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, सदस्य राजस्व परिषद आर. रमेश कुमार, प्रमुख सचिव पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मुकेश कुमार मेश्राम को तत्काल प्रभाव से पदोन्नति देते हुए अपर मुख्य सचिव बनाया गया है।

केंद्र में तैनात भुवनेश कुमार, मृत्युंजय कुमार नारायण और संतोष कुमार यादव को यूपी में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति पाने वाले अफसरों को 2,25000 सातवें वेतन आयोग के मुताबिक पे-मैट्रिक्स लेवल-17 दिया गया है।

लखनऊ। नियुक्ति विभाग ने आईएएस अफसरों द्वारा संपत्तियों का ब्योरा देने में हिलाहवाली करने को गंभीरता से लिया है। यूपी कॉडर के 683 आईएएस अफसरों में 240 ने संपत्तियों की जानकारी दी है ओर 443 ने स्पैरो पोर्टल पर चल-अचल संपत्तियों की जानकारी नहीं दी है। नियुक्ति विभाग ने इस संबंध में गोपनीय रूप से आंतरिक अलर्ट जारी किया है।

आईएएस अफसरों को हर साल अर्जित की हुई संपत्तियों की जानकारी स्पौरो पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन देनी होती है। वर्ष 2025 में अर्जित की गई संपत्तियों की जानकारी 31 जनवरी तक आईएएस अधिकारियों को देना है। सूत्रों का कहना है कि नियुक्ति विभाग की समीक्षा में पाया गया है कि अधिकारी संपत्तियों की जानकारी देने में ढिलाई बरत रहे हैं। इसके लिए उन्हें आंतरिक अलर्ट जारी करते हुए तय समय में देने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक संपत्तियों का ब्योरा न देने वालों में 443 अधिकारियों में 12 ऐसे हैं, जिन्होंने अपना ब्योरा पोर्टल पर ड्राफ्ट तो कर दिया है, लेकिन इसे अंतिम रूप से दाखिल नहीं किया है।

Loading...
loading...

Related Articles

Back to top button