गिरफ्तार मुख्य आरोपी अर्श रजा के पिता मनोज कुमार मिश्रा दर्जनों प्रकाशनों के हैं मालिक
मनोज मिश्रा पूर्व में जेबीजी चिटफंड कंपनी से जुड़े थे। कंपनी के मालिक के खिलाफ कार्रवाई के बाद वित्तीय देनदारियों को निपटाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। इसी दौरान कथित रूप से अनियमित तरीके से पैसे के प्रबंधन और लाभ अर्जित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लखनऊ में 12वीं की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस केस में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अर्श रजा के पिता मनोज कुमार मिश्रा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार मिश्रा मीडिया और अन्य व्यवसायों से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनके अतीत और आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप है कि मनोज मिश्रा पूर्व में जेबीजी चिटफंड कंपनी से जुड़े थे। कंपनी के मालिक के खिलाफ कार्रवाई के बाद वित्तीय देनदारियों को निपटाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। इसी दौरान कथित रूप से अनियमित तरीके से पैसे के प्रबंधन और लाभ अर्जित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपों के मुताबिक, इसके बाद मनोज मिश्रा ने मीडिया क्षेत्र में कदम रखा और ‘एक संदेश’, ‘युनाइटेड भारत’, ‘बांग्ला मोर्चा’ और ‘अंदाज-ए-बयां’ जैसे कई दर्जन प्रकाशनों से खुद को जोड़ा।
उनके निजी जीवन को लेकर भी चर्चाएं हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन कर एक मुस्लिम महिला से विवाह किया है, जबकि उनके पहले से विवाहित होने और दो बच्चों के पिता होने की बात भी कही जा रही है।
वहीं, पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपी के परिवार की ओर से उन्हें धमकाया गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य नामजद लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
फिलहाल, जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण के हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं। इस बीच आरोपी के पारिवारिक और पेशेवर पृष्ठभूमि को लेकर उठ रहे सवालों ने केस को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।
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