‘नीच को नीच नहीं तो और क्या कहेंगे’: दानिश अली ने PM मोदी को दी थी गाली, तभी रमेश बिधूड़ी ने खोया आपा – लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में दावा

दानिश अली, बसपा सांसदनई दिल्ली। हाल ही में संसद के विशेष सत्र का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर आरोप लगाया गया कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने बसपा सांसद दानिश अली के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। इसके बाद राहुल गाँधी भी दानिश अली से मिलने उनके आवास पर पहुँचे। हालाँकि, अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की स्पीकर को भेजे पत्र में बताया गया है कि जब लोकसभा में BSP सांसद दानिश अली की रमेश बिधूड़ी को परेशान करने की सभी चालें बेकार हो गईं तो उन्होंने पीएम मोदी को गाली दी, जिसके कारण बिधूड़ी ने अपना आपा खो दिया।

गौरतलब है कि इसे लेकर विपक्ष इस घटना को लेकर मोदी सरकार और भाजपा पर जुबानी हमले बोल रहा है। विपक्ष सांसद पर सख्त कार्रवाई करने की माँग कर रहा है। एमपी निशिकांत दुबे के लिखे पत्र से अब ये मामला और साफ होता नजर आ रहा है।

‘नीच को नीच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे’

इस पत्र में बताया गया है कि BSP सांसद दानिश अली ने पीएम मोदी के लिए कहा था, “नीच को नीच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे।” हालाँकि, सांसद दुबे ने बीजेपी सांसद बिधूड़ी का बचाव नहीं किया है। उन्होंने अपने पत्र में बीजेपी सांसद बिधूड़ी की बीएसपी एमपी अली के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा भी की है।

निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा है, “रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को बेहद आपत्तिजनक शब्द कहे हैं, जिसकी मैं एक जिम्मेदार जन प्रतिनिधि के तौर पर निंदा करता हूँ, लेकिन यदि सांसद बिधूड़ी ने गलत काम किया है, तो मेरे मानना है कि दानिश अली सहित अन्य माननीय सदस्यों ने भी समुदाय के बीच दुश्मनी फैलाने का काम किया है।”

 

इसे लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया, “रमेश बिधुड़ी जी के लोकसभा में दिए बयान को कोई भी सभ्य समाज ठीक नहीं कह सकता, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है लेकिन लोकसभा स्पीकर जी को सांसद दानिश अली के भी अमर्यादित शब्दों व आचरण की जाँच करनी चाहिए । लोकसभा की नियम प्रक्रियाओं के तहत किसी सांसद के निर्धारित समय के बीच टोकना, बैठे बैठे बोलना, रनिंग कमेंट्री करना भी सजा के दायरे में आता है। मैं पिछले 15 साल से सांसद हूँ, लोकसभा के खुलने से लेकर बंद होने तक सबसे ज़्यादा समय तक मैं सदन में रहता हूँ, ऐसा दिन देखने को मिलेगा कभी सोचा नहीं था।”

सांसद दुबे ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि सांसद दानिश अली बिधूड़ी के भाषण के दौरान लगातार ‘रनिंग कमेंट्री’ कर रहे थे और उन्हें उकसाने के मकसद से काफी परेशान कर रहे थे। उनका दावा है कि बिधूड़ी के भाषण के दौरान बीएसपी सांसद दानिश अली खुद पीएम मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणी कर रहे थे।

हिंदू धर्म पर संसद में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ

बीजेपी सांसद दुबे ने स्पीकर को लिखे अपने पत्र में लिखा है कि संसद में कार्यवाही के दौरान टीएमसी के सांसद सौगत रॉय के शब्दों से की है। उन्होंने लिखा है कि रॉय ने कहा कि राम और पुष्पक विमान का कोई अस्तित्व नहीं है, ये झूठी कहानी है। उन्होंने आगे लिखा है कि डीएमके ने कहा कि हम द्रविड़ हैं और आप लोग आर्य हो, तुम सेतुसमुद्रम प्रोजेक्ट को रोक कर अंधविश्वास फैला रहे हैं। ये भी कहा गया था कि कोई भगवान नहीं है, हिंदू कोई धर्म नहीं है।

इन दो बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि इससे साफ है 21 सितंबर, 2023 को लोकसभा में केवल रमेश बिधुड़ी ही अनुचित व्यवहार नहीं किया, बल्कि दानिश अली भी इसमें बराबर का योगदान दिया। सांसद दुबे ने आगे लिखा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम मोदी को लेकर बेहद निंदनीय और क्षमा न किए जाने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही लोकसभा के अन्य सदस्यों ने भी दूसरे समुदाय के पोषित विश्वास को लेकर गैर-ज़रूरी और अरुचिकर टिप्पणियाँ की।

इसे लेकर उन्होंने इन सब बयानों की जाँच के लिए स्पीकर से एक जाँच समिति बनाने की माँग की है। दुबे ने स्पीकर से ये भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 105 का सहारा लेकर लोकसभा में हमारे नागरिकों के उकसावे के लिए संसद के सदस्यों की टिप्पणियों पर कहाँ तक दोष सिद्ध होता है इसकी भी जाँच की जाए। दरअसल, बीजेपी सांसद बिधूड़ी ने लोकसभा में बीएसपी सांसद दानिश अली के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस बयान पर बिधूड़ी को चेतावनी दी।

बीजेपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। इसके साथ ही बिधूड़ी की टिप्पणियों को संसद के रिकॉर्ड से भी हटा लिया गया है। इस पर खासा बवाल मचा हुआ। आनन-फानन में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी सांसद अली के घर पहुँचे थे।

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