अतुल सुभाष केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरोपी निकिता सिंघानिया ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका
अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले डेढ़ घंटे का वीडियो और 23 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए. सुसाइड नोट में अतुल ने शादी के शुरुआती दौर से लेकर पत्नी से विवाद, दहेज उत्पीड़न, हत्या की धमकियों और सुसाइड के लिए उकसाने तक के सभी घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख किया.
बेंगलुरू में कार्यरत एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा, साला अनुराग और चाचा ससुर सुशील पर आरोप लगाए गए हैं. वहीं अब आरोपी निकिता सिंघानिया ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में इन चारों की अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है. इस याचिका पर सुनवाई बुधवार को हो सकती है.
जौनपुर फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज जस्टिस रीता कौशिक पर अतुल सुभाष ने घूस मागने का लगाया था आरोप
यह जौनपुर फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज जस्टिस रीता कौशिक हैं, उसने पीड़ित अतुल को 2 साल में 120 तारीखें दीं- यानी सप्ताह के हर 5 वें या 6 वें दिन उसे अपमानित करने के लिए 1 तारीख।
न्यायाधीश ने पीड़ित व्यक्ति से मामले को निपटाने के लिए (उसके द्वारा हस्ताक्षरित बयान के अनुसार) 5 लाख रुपये की मांग की।
कल्पना कीजिए कि एक व्यक्ति हर हफ्ते अदालत की सुनवाई के लिए बैंगलोर से यूपी की यात्रा करता है। न्यायपालिका प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार की कल्पना करें? हम कहाँ जा रहे हैं?
सुसाइड नोट में अतुल ने लगाए थे ये आरोप
अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले डेढ़ घंटे का वीडियो और 23 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए. सुसाइड नोट में अतुल ने शादी के शुरुआती दौर से लेकर पत्नी से विवाद, दहेज उत्पीड़न, हत्या की धमकियों और सुसाइड के लिए उकसाने तक के सभी घटनाक्रमों का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी निकिता, सास निशा, साले अनुराग और चाचा ससुर सुशील ने मिलकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गए.
कल बेंगलुरू पुलिस ने किया था नोटिस चस्पा
बेंगलुरू पुलिस की एक टीम मामले की जांच के लिए यूपी के जौनपुर गई थी, जहां आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किया गया था. पुलिस ने नोटिस में लिखा था कि बेंगलुरू में दर्ज मामले में बयान देने के लिए आरोपियों को उपस्थित होना जरूरी है. हालांकि, जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तो घरों पर ताला लटका हुआ पाया गया क्योंकि आरोपियों ने एक दिन पहले ही घर छोड़ दिया था. इसके बाद, पुलिस ने नोटिस चिपका दिया और आरोपियों को मामले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था.
अतुल पर तीन मुकदमें लंबित
अतुल सुभाष पर जौनपुर अदालत में पत्नी निकिता द्वारा पांच मुकदमे दायर किए गए थे, जिनमें तलाक, हत्या, मारपीट और अप्राकृतिक यौन संबंध के आरोप थे. हालांकि, बाद में निकिता ने कुछ मुकदमे वापस ले लिए थे. वर्तमान में अतुल पर जौनपुर की अदालत में तीन मुकदमे लंबित हैं, जिनमें दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मामला भी शामिल है, जिसकी अगली सुनवाई 12 जनवरी 2025 को होगी.