सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में विज्ञापनों के लिए स्व-घोषणा प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू करने के लिए अहम बैठक आज
बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जून के सेकंड वीक में ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया, इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी, डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन, इंडियन सोसायटी ऑफ ऐडवर्टाइजर्स सहित गूगल व अन्य प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की थी. जिसमें मंत्रालय की तरफ से साफ किया गया था कि सरकार न तो शासनादेश में कोई संशोधन करेगी और न ही क्रियान्वयन की तारीख ही आगे बढ़ाएगी.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आज मंगलवार को विज्ञापनों के लिए स्व-घोषणा प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू करने के लिए अहम बैठक करेगा. बैठक में इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स के साथ एसडीसी अपलोड करने या प्राप्त करने के संबंध में विज्ञापनदाताओं के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.
बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जून के सेकंड वीक में ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया, इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी, डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन, इंडियन सोसायटी ऑफ ऐडवर्टाइजर्स सहित गूगल व अन्य प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की थी. जिसमें मंत्रालय की तरफ से साफ किया गया था कि सरकार न तो शासनादेश में कोई संशोधन करेगी और न ही क्रियान्वयन की तारीख ही आगे बढ़ाएगी.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 9 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में अब तक की कार्रवाई का हलफनामा दाखिल कर जानकारी देगा. इस हलफनामे के बाद मंत्रालय को एसडीसी कार्यान्वयन के बाद हितधारकों के अनुभव को रखने का भी अवसर मिलेगा.
वहीं विज्ञापन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने जनादेश के कार्यान्वयन पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. क्योंकि उनका मानना है कि भले ही सरकार की मंशा सही हो, लेकिन इसे लागू करने का तरीका सही नहीं है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आज मंगलवार को विज्ञापनों के लिए स्व-घोषणा प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू करने के लिए अहम बैठक करेगा. बैठक में इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स के साथ एसडीसी अपलोड करने या प्राप्त करने के संबंध में विज्ञापनदाताओं के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.


