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16 साल के वैवाहिक सफर के बाद चित्रा त्रिपाठी ने लिया बड़ा फैसला, सोशल मीडिया पर किया ऐलान

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चित्रा त्रिपाठी का पांच महीने पहले ही तलाक़ हो चुका था और उन्होंने बीती रात सोशल मीडिया पर अब इसे सार्वजनिक किया है।

जानी-मानी टीवी पत्रकार और सीनियर न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी से जुड़ी एक बड़ी खबर है। इस खबर के मुताबिक, भारतीय न्यूज मीडिया का जाना-पहचाना व भरोसेमंद चेहरा बन चुकीं चित्रा त्रिपाठी के 16 साल के वैवाहिक सफर पर अब विराम लग गया है। यानी, उनका अपने पति अतुल अग्रवाल से तलाक हो गया है।

चित्रा त्रिपाठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर खुद इस बात का ऐलान किया है। अंग्रेजी में किए गए अपने ट्वीट में चित्रा त्रिपाठी ने लिखा है, ‘16 शानदार वर्षों के साथ के बाद, हमने कुछ समय पहले एक नियोजित अलगाव की प्रक्रिया शुरू की थी और अब इसे औपचारिक रूप देने के लिए तैयार महसूस कर रहे हैं—पति-पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि सह-अभिभावक और एक परिवार के रूप में। हम अपने बेटे की परवरिश मिलकर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस बदलाव के दौरान अपने प्रियजनों के सहयोग के लिए आभारी हैं। यह किसी रिश्ते का अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। आपकी शुभकामनाएं हमारे लिए बहुत मायने रखती हैं।’

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, चित्रा त्रिपाठी का पांच महीने पहले ही तलाक़ हो चुका था और उन्होंने बीती रात सोशल मीडिया पर अब इसे सार्वजनिक किया है।

बता दें कि चित्रा त्रिपाठी इन दिनों ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज एंड प्रोग्रामिंग) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और उनके पति अतुल अग्रवाल हिंदी न्यूज चैनल ‘हिन्दी खबर’ (Hindi Khabar) के डायरेक्टर हैं।

चित्रा त्रिपाठी द्वारा अपने तलाक के बारे में किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

वहीं, इस बारे में अतुल अग्रवाल ने भी एक ट्वीट किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

शिवम पांडेय-

मशहूर एंकर चित्रा त्रिपाठी और चैनल संपादक अतुल अग्रवाल का तलाक़ हो गया है।

चित्रा त्रिपाठी के अलग होने की एक वजह ये भी हो सकती है क्योंकि, Chitra Tripathi गोदी मीडिया की एंकर हैं। और अतुल स्वतंत्र पत्रकार जो सत्ता से सवाल अक्सर पूछते हैं।

शिवराज यादव-

मैंने अतुल अग्रवाल की पत्रकारिता बिहार पेपर लीक मामले में देखी बिहार के डिप्टी सीएम भागते नजर आए !चित्रा त्रिपाठी के अलग होने की एक वजह ये भी हो सकती है क्योंकि Chitra Tripathi गोदी मीडिया की एंकर हैं!एक घर में दो विचारधारा नहीं चल सकतीं इसलिए तलाक लेना पड़ा हो!

इरफ़ान-

“त्रि” का अर्थ है “तीन” और “पाठी” का अर्थ है “पढ़ने वाला” या “ज्ञाता”, इसलिए त्रिपाठी का अर्थ है तीन वेदों का ज्ञाता.

 

अब सनातन संस्कारित, श्रेष्ठ ब्राह्मण बहन चित्रा त्रिपाठी जी का तलाक पर यह ज्ञान पढ़ा जाए

 

भार्गवी-

लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में,
यहां पर सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है”

कभी चित्रा त्रिपाठी मुस्लिम औरतों के तीन तलाक़ पर डिबेट कर रही थीं आज खुद तलाक लेकर बैठ गईं!!

इसीलिए कहते हैं… जिनके घर शीशे के हों वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते!!

प्रिया मिश्रा-

ये क्या??? चित्रा त्रिपाठी का तलाक??? वैसे खटपट तो OYO वाले मैटर से ही था।

अतुल अग्रवाल अपने आप को बहुत बड़ा आदमी समझता है शुरू से ही। पति पत्नी के रिश्तों में अमीर गरीब, झूठ,धोखा.. नहीं चलता । लेकिन इन दोनों का शुरू से ऐसा ही चलता आया है।

मोना-

मैं इस दुख की घड़ी में चित्र जी के निर्णय के साथ हूँ। चित्रा जी की फैन भी हूँ। मुझे विश्वास है और भरोसा है कि 16 वर्ष के युगल जीवन में चित्रा जी ने ही ज्यादा त्याग ली होगी।

अब चित्र जी को ज्यादा प्रेम की जरूरत है और संवेदना की।

बालमुकुंद जोशी-

तलाक का मामला फिल्मी दुनिया और क्रिकेट जगत तक ही सीमित नहीं रहा.

अब न्यूज एंकरों के भी तलाक होने लगे. जानी मानी पत्रकार जोड़ी चित्रा त्रिपाठी और अतुल अग्रवाल ने 16 साल पुराने शादी के बंधन को तोड़ दिया है!

सचिन चतुर्वेदी-

वाकई… होइहि सोइ जो राम रचि राखा।

आप दोनों का निर्णय ओम को प्रभावित न करे, बस इस बात का ध्यान रखें.. बाकी ईश्वर पर छोड़ दें

दिलीप गुप्ता-

चित्रा का नितांत गलत निर्णय, पति पत्नी के बीच सभी घरों में मतभेद होते और दूर होते रहते हैँ, इतने सुंदर और प्यारे नाबालिग बच्चे ओम का भी ख्याल न किया कि उसके कोमल मन पर क्या क्या प्रभाव पड़ेगा।

दिगमोहन नेगी-

अच्छा नहीं लगा Atul Kumar Agrawal भाई साहब, आज सुबह X पर पोस्ट देख पहले तो यकीन नही हुआ, खैर होई है वही जी राम रचि रक्खा। ईश्वर की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।

जय प्रकाश पांडेय-

पता नहीं क्यों रामचरित का यह दोहा याद आ गया-

रुचिर रूप धरि प्रभु पहिं जाई.
बोली बचन बहुत मुसुकाई.
तुम्ह सम पुरुष न मो सम नारी,
यह सँजोग बिधि रचा बिचारी…

पर मन का होता कहां है? हम सब सॅंजोग और प्रारब्ध से बंधे हैं अतुल जी. श्री हरि कृपालु हों

अंशु शाही-

अतुल जी, आपसे न मैं मिला हूं और न ही आपको ज्यादा जानता हूं। सहारा टीवी में काम करते हुए चित्रा त्रिपाठी जी को थोड़ा बहुत जानता हूं।हाल के दिनों में ABP में काम करते हुए उन्हें देखा भी है। चित्रा जी की सहजता,सरलता,लगन,अपनेपन के अहसास में कोई बदलाव नहीं दिखा।वो अब भी खास होने के बावजूद एक आम सी महिला दिखीं।यह बात दीगर है कि मेरी उनसे बात तक नहीं है और जो भी बातें मैंने लिखी है यह आप लोगों के प्रति मेरी स्वतः स्फूर्त प्रतिक्रिया है।

शून्य से शुरुआत करके आज आप लोगों के पास नाम,पद,पैसा,शोहरत सबकुछ है लेकिन मेरी समझ में आप फिर शून्य की दहलीज पर है। आपलोगों का एक बेटा भी है, माना कि उसे लेकर आपलोग संजीदा है लेकिन क्या इससे वह खुश है ? गंभीरता से विचार करें और संभव हो तो इस संबंध को बचा लें। अपना समाज अब भी वैसा ही है, भले दिखता कुछ और हो।

पंकज अग्रवाल-

pls take care ur self, this is tough time, i m always with u as ur friend

आशीष जोशी-

हर निर्णय में ईश्वर की योजना होती है। सब अच्छा ही होगा। शक्ति और संबल बना रहें।

सूरज उपाध्याय-

जब आप किसी का बुरा नहीं करते तो आपका भी कभी बुरा हो नहीं सकता बाकी सुख दुख part of life ईश्वर सदैव आपका अच्छा ही करेगा ऐसी कामना

अरविंद कुमार सिंह-

“बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी…..” सत्य स्वीकार कर सकारात्मक रूप से आगे बढ़ना ही जीवन है..

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