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डिजिटल विस्तार के लिए ZEE एंटरेटनमेंट जुटाएगी ₹ 3144 करोड़, शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने अपने अगले विकास चरण की घोषणा करते हुए डिजिटल-फर्स्ट रणनीति पेश की है।

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने अपने अगले विकास चरण की घोषणा करते हुए डिजिटल-फर्स्ट रणनीति पेश की है। कंपनी अपने कारोबार के विस्तार और नई तकनीकों में निवेश के लिए प्रमोटर ग्रुप की कंपनी सनब्राइट मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Sunbright Mauritius Investments Ltd.) को प्रेफरेंशियल आधार पर वारंट जारी कर 3,143.5 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।

कंपनी के मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल बैलेंस शीट को मजबूत करने और डिजिटल एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्रॉडबैंड, एक्सपीरिएंशियल बिजनेस और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए किया जाएगा।

जी ने कहा कि यह पूंजी निवेश कंपनी की लंबे समय की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों पर केंद्रित मनोरंजन इकोसिस्टम तैयार करना और डिजिटल क्षमताओं का तेजी से विस्तार करना है। कंपनी का कहना है कि यह फंड उसे मजबूत वित्तीय आधार देने के साथ-साथ तेजी से बढ़ने वाले कारोबारों में निवेश करने में मदद करेगा।

कंपनी की यह योजना 31 जुलाई को होने वाली असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों के सामने मंजूरी के लिए रखी जाएगी।

डिजिटल कारोबार में तेजी

जी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) उसके डिजिटल कारोबार के लिए अहम साबित हुआ। कंपनी का डिजिटल बिजनेस पहली बार EBITDA स्तर पर मुनाफे में पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस कारोबार में 548 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा हुआ था।

इसी दौरान कंपनी की डिजिटल आय में 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 1,488.8 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी ने अपने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया। इस दौरान सात नए भाषा पैक लॉन्च किए गए और प्रीमियम कंटेंट की संख्या बढ़ाकर 127 ओरिजिनल शो और फिल्मों तक पहुंचा दी गई, ताकि क्षेत्रीय दर्शकों को बेहतर कंटेंट उपलब्ध कराया जा सके।

AI और नए कंटेंट फॉर्मेट पर फोकस

जी अब AI आधारित तकनीकों और नए कंटेंट फॉर्मेट पर भी तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी ने मोबाइल दर्शकों के लिए ‘बुलेट’ (Bullet) नाम से एक वर्टिकल माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।

इसके अलावा ‘त्रिनेत्र AI’ (Trinetra AI) भी पेश किया गया है, जिसे कंपनी ने भारत के शुरुआती AI-संचालित फिल्म निर्माण और कंटेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म में से एक बताया है। कंपनी का कहना है कि इससे कंटेंट निर्माण की लागत और समय दोनों कम होंगे तथा युवाओं के लिए नए तरह का कंटेंट तैयार किया जा सकेगा।

स्पोर्ट्स कारोबार का भी विस्तार

जी ने स्पोर्ट्स को भी अपनी भविष्य की विकास रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है। स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में वापसी के बाद कंपनी ने ILT20 क्रिकेट, बंगाल सुपर लीग, UP कबड्डी, पिकलबॉल लीग और प्रो गोविंदा जैसे टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार हासिल किए हैं।

इसके साथ ही कंपनी ने Unite8 ब्रैंड के तहत चार नए स्पोर्ट्स चैनल भी लॉन्च किए हैं।

जी ने वर्ष 2034 तक होने वाले 39 FIFA टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार भी हासिल कर लिए हैं। इनमें FIFA वर्ल्ड कप 2026, FIFA वर्ल्ड कप 2030, FIFA महिला विश्व कप 2027, युवा विश्व कप, फुटसल प्रतियोगिताएं और इंटरकॉन्टिनेंटल कप शामिल हैं।

कंपनी का कहना है कि वह आगे भी प्रीमियम स्पोर्ट्स राइट्स, प्रोडक्शन क्षमता और ब्रॉडकास्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रखेगी, ताकि युवा दर्शकों को आकर्षित किया जा सके, सब्सक्रिप्शन बढ़े और विज्ञापन से होने वाली आय में इजाफा हो।

लाइव इवेंट्स, बच्चों के कंटेंट और ब्रॉडबैंड पर भी जोर

कंपनी ने लाइव इवेंट्स के कारोबार में भी कदम रखा है, क्योंकि इस क्षेत्र में तेजी से मांग बढ़ रही है। इसके अलावा Z5 पर KidZ on Z5 नाम से 6 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए विशेष मनोरंजन और शैक्षणिक कंटेंट भी शुरू किया गया है।

जी ने ब्रॉडबैंड और कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में भी विस्तार किया है, ताकि पारंपरिक टीवी प्रसारण से आगे बढ़कर सीधे उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच मजबूत की जा सके।

टीवी कारोबार में भी सुधार

कंपनी ने बताया कि उसके पारंपरिक टीवी कारोबार में भी सुधार देखने को मिला है। विभिन्न भाषाओं में फिक्शन और नॉन-फिक्शन कार्यक्रमों में निवेश के चलते उसके नेटवर्क की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

24.95 करोड़ वारंट जारी करेगी कंपनी

इन सभी योजनाओं के लिए जी 24.95 करोड़ पूरी तरह परिवर्तनीय (Fully Convertible) वारंट 126 रुपये प्रति वारंट के भाव पर सनब्राइट मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स को जारी करना चाहती है। इससे कंपनी 3,143.5 करोड़ रुपये तक जुटाएगी।

कंपनी के अनुसार, यह इश्यू प्राइस सेबी के नियमों के तहत तय कीमत से 11.86 प्रतिशत अधिक है। यह बोर्ड की मंजूरी वाले दिन के बाजार बंद भाव से 16.33 प्रतिशत और एनएसई के पिछले 90 दिनों के वॉल्यूम-वेटेड औसत मूल्य से 28.61 प्रतिशत ज्यादा है।

इन वारंटों को 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। निवेशक को पहले 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी, जबकि बाकी रकम वारंट को शेयर में बदलते समय देनी होगी।

कंपनी का कहना है कि यह निवेश प्रमोटर समूह की जी के भविष्य और उसकी डिजिटल बदलाव (Digital Transformation) की रणनीति के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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