‘मोबाइल लेकर कोई भी खुद को पत्रकार बता रहा’, डिजिटल मीडिया पर बोले उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर खुद को पत्रकार बताने वाले कई लोग मुख्यधारा की पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं और गलत जानकारी फैला रहे हैं।
एक डिजिटल न्यूज पोर्टल को दिए पॉडकास्ट में उमर अब्दुल्ला ने कहा, “आज जिसके हाथ में मोबाइल है, वह फेसबुक पेज बनाकर खुद को पत्रकार कहने लगता है। उसे यह भी नहीं पता कि खबर कैसे लिखी जाती है, सवाल कैसे पूछे जाते हैं या रिपोर्टिंग कैसे की जाती है। ऐसे लोग सिर्फ झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पत्रकारिता और मौजूदा डिजिटल मीडिया के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले किसी कार्यक्रम में एक-दो पत्रकार नजर आते थे, लेकिन अब 15-20 लोग अलग-अलग चैनलों और प्लेटफॉर्म्स के लोगो लेकर पहुंच जाते हैं।
उन्होंने कहा, “पहले किसी कार्यक्रम में एक पत्रकार होता था, अब 15-20 लोग दिखाई देते हैं। हर किसी के हाथ में कई-कई चैनलों के लोगो होते हैं। 10 पत्रकारों के साथ 40 लोगो नजर आते हैं, लेकिन कई लोग उन्हें ठीक से पकड़ना भी नहीं जानते, फिर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं।”
उमर अब्दुल्ला ने बिना किसी का नाम लिए कुछ डिजिटल न्यूज एग्रीगेटर्स और नई न्यूज एजेंसियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया चैनल खुद को पत्रकारिता का मंच बता रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे संस्थान भी खुद को न्यूज एजेंसी कहते हैं जिनके पास कोई वास्तविक पाठक या दर्शक आधार नहीं है।
उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया चैनल खुद को पत्रकार बता रहे हैं और जिनके पास कोई सब्सक्राइबर नहीं है, वे भी खुद को न्यूज एजेंसी कह रहे हैं। लेकिन असली और भरोसेमंद खबर लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। इसका कोई समाधान निकालना होगा।”
जब उनसे पूछा गया कि उनकी सरकार मीडिया संस्थानों या पत्रकारों को इंटरव्यू और सरकारी कार्यक्रमों में पहुंच देने का फैसला कैसे करती है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए पूरी जांच-पड़ताल की जाती है।
उन्होंने बताया, “हम किसी भी मीडिया संस्थान या पत्रकार की विश्वसनीयता, पृष्ठभूमि, पहुंच और स्वीकार्यता को देखते हैं। उनके पुराने काम और इंटरव्यू भी जांचते हैं कि उनका काम कितना गंभीर और जिम्मेदार है। ऐसा नहीं है कि सड़क पर किसी को देखकर इंटरव्यू के लिए बुला लिया जाए।”
मीडिया के बदलते स्वरूप पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि तकनीक और माध्यम भले बदल गए हों, लेकिन पत्रकारिता के मूल सिद्धांत आज भी वही हैं। उन्होंने कहा, “माध्यम बदल गया है, लेकिन पत्रकारिता का तरीका नहीं बदला है।”
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में डिजिटल कंटेंट के नियमन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और गैर-पारंपरिक मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर लगातार बहस चल रही है।

