सरकार को गाली, हिंदुओं पर तंज: संसद में घुस उत्पात मचाने वाला सागर शर्मा निकला रवीश कुमार का फैन, आखिरी पोस्ट में लिखा था- फिर मिलेंगे

वो इंस्टाग्राम पर रवीश कुमार और राहुल गाँधी का फॉलोवर है। संसद की सुरक्षा को भेदने से पहले उसने पोस्ट भी किया था। उसने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पोस्ट लिखा, “जीते या हारे पर कोशिश तो जरूरी है। अब देखना ये है कि सफर कितना हसीन होगा। उम्मीद है फिर मिलेंगे।”

सागर शर्मा, रवीश कुमारसंसद में सुरक्षा चूक के मामले में गिरफ्तार किए गए सागर शर्मा का वैचारिक और राजनीतिक रुझान सोशल मीडिया से कॉन्ग्रेसी और वामपंथी झलक रहा है। वो इंस्टाग्राम पर रवीश कुमार और राहुल गाँधी का फॉलोवर है। संसद की सुरक्षा को भेदने से पहले उसने पोस्ट भी किया था। उसने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पोस्ट लिखा, “जीते या हारे पर कोशिश तो जरूरी है। अब देखना ये है कि सफर कितना हसीन होगा। उम्मीद है फिर मिलेंगे।”

उसने ये पोस्ट संसद की सुरक्षा तोड़ने से पहले की थी।

सागर शर्मा का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट संसद पर 2001 में हुए हमले की 22वीं सालगिरह के मौके पर आया, जब उसने अपने साथियों के साथ संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई। उसकी पोस्ट बताती है कि संसद का सुरक्षा घेरा तोड़ने का काम पूरी तैयारी और प्लानिंग से किया गया था। वो इंस्टाग्राम पर कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और पत्रकार से यूट्यूबर बने रवीश कुमार को भी फॉलो करता है।

सागर की आईडी का स्क्रीनशॉट

इस बीच, सागर शर्मा के फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा साझा किए जा रहे हैं, जिसमें सागर 2019 पुलवामा हमले के आतंकवादी आदिल अहमद डार की तरह ही ‘गौमूत्र’ पर तंज कस रहा है।

सागर शर्मा के फेसबुक बायो में लिखा है, “मेरा सपना ही मेरी दौलत है। मैं इतिहास लिखूँगा, आया हूँ दुनिया में कुछ कर के मरूँगा।”

भगत सिंह का प्रशंसक होने का दावा करने वाला सागर शर्मा सोशल मीडिया देखकर लगता है कि अर्जेंटीना के मार्क्सवादी क्रांतिकारी और नस्लवादी कम्युनिस्ट नेता अर्नेस्टो चे ग्वेरा से काफी प्रेरित था। विडंबना यह है कि शर्मा ने अपने पोस्ट में लिखा है कि चे ग्वेरा ने अपना जीवन गरीबों और पीड़ितों के लिए समर्पित कर दिया, जबकि वास्तव में ग्वेरा ने अभूतपूर्व पैमाने पर सामूहिक हत्याएँ कीं और एक ऐसे शासन की स्थापना में मदद की जिसने अपने नागरिकों पर बहुत अत्याचार किया। इसके अलावा, ग्वेरा पूरी तरह से नस्लवादी और समलैंगिकों के प्रति नफरत रखने वाला था।

सागर शर्मा चे ग्वेरा की तारीफ में करता था पोस्ट, फोटो साभार-सागर की फेसबुक आईडी पोस्ट का स्क्रीनशॉट

सागर शर्मा पूंजीवाद और उद्योगपतियों के प्रति खास कम्युनिष्ट नफरत भी रखता है। उसने अपने एक फेसबुक पोस्ट में बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के खिलाफ ‘S&%la H&r$mKh#r’ शब्द तक का इस्तेमाल किया था।

मुकेश अंबानी के लिए नफरत भरी पोस्ट

एक अन्य पोस्ट में सागर शर्मा ने लिखा कि सरकार “ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के नियमों में बदलाव करना चाहती है ताकि जनता एक साथ आकर उनका विरोध न कर सके और उसकी हरकतें (सोशल मीडिया पर) वायरल न हो सकें ताकि यह अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान न खींचे…”

मास्टरमाइंड ललित झा गिरफ्तार

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले सभी आरोपितों के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 452, 153, 186 और 353 के साथ ही यूएपीए के सेक्शन 16 और 18 के तहत कर्तव्य पथ पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है।

 

संसद में घुसपैठ की लंबी चौड़ी प्लानिंग करने वाला मास्टरमाइंड ललित झा गुरुवार (14 दिसंबर 2023) को गिरफ्तार किया गया। अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार से यही पता चला है कि वह बिहार का रहने वाला है। लेकिन कुछ समय से पहले पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आदिवासी शिक्षा पर काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन, समयाबादी सुभाष सभा समूह का अध्यक्ष था। वह समूह के विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय था।

13 दिसंबर को घटना को अंजाम देने से पहले चारों आरोपितों ने अपने अपने फोन ललित झा को सौंपे थे क्योंकि उन्हें पता था कि ये कारनामा करने के बाद वो लोग पकड़े जाएँगे। ऐसे में पुलिस के हाथ कोई सबूत न लगे इसलिए उन्होंने अपने फोन ललित को दे दिए थे। ललित घटना के वक्त तक संसद के बाहर खड़ा था, अमोल-नीलम की वीडियो बनाकर वो वहाँ से निकल गया।। उसने राजस्थान के कुचामन में जाकर अपने दोस्त महेश के साथ सभी आरोपितों के फोन को जलाया और फिर दिल्ली में आकर सरेंडर किया।

प्लान ए के साथ ही तैयार था प्लान बी

संसद में घुसपैठ मामले के मास्टरमाइंड ललित झा की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में एक जानकारी यह भी सामने आई है कि ललित झा ने संसद में हड़कंप मचवाने के 2 प्लान बनाए हुए थे। इसे नाम दिया गया था प्लान-A और प्लान-B का।

प्लान-A में यही था कि संसद के अंदर सागर शर्मा और मनोरंजन डी जाएँगे क्योंकि उनके पास बन गए थे। इसी प्लान के तहत संसद के बाहर अमोल और नीलम ट्रांसपोर्ट भवन की ओर से संसद के करीब जाएँगे और वहाँ कलर बम जलाएँगे।

प्लान-B में था कि किसी वजह से अगर नीलम और अमोल संसद के करीब नहीं पहुँच पाते तो उनकी जगह महेश और कैलाश दूसरी ओर से किसी तरह से संसद के करीब पहुँचते और मीडिया के कैमरों के आगे कलर बम जलाते और नारेबाजी करते।

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